महासमुंद। जिलेभर के कर्मचारी एवं अधिकारियों ने महंगाई भत्ता समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले महासमुंद के लोहिया चौक में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल हुए।
चरणबद्ध आंदोलन के तहत किया गया प्रदर्शन
कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक एवं प्रवक्ता सिराज बक्श ने बताया कि राज्यभर में “मोदी की गारंटी लागू करो” अभियान के तहत कर्मचारी अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। महासमुंद में किया गया यह धरना-प्रदर्शन उसी आंदोलन की एक कड़ी है।
महंगाई भत्ता और एरियाज प्रमुख मांग
उन्होंने बताया कि कर्मचारियों और पेंशनरों की प्रमुख मांग है कि केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (डीए) प्रदान किया जाए। साथ ही, पिछले पांच वर्षों से लंबित एरियाज की राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाए।इसके अलावा सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान देने, विभिन्न संवर्गों में व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर करने तथा पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की गई।
शिक्षा सहित कई विभागों की वेतन विसंगतियां उठाईं
प्रवक्ता सिराज बक्श ने कहा कि शिक्षा विभाग, लिपिक संवर्ग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित कई विभागों में गंभीर वेतन विसंगतियां बनी हुई हैं। अभी तक पर्यंत सहायक शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान भी नहीं दिया गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
सरकारी दफ्तरों में पसरा सन्नाटा
धरना-प्रदर्शन और हड़ताल के चलते जिले के अधिकांश सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। कई कार्यालयों में ताले लटके रहे, वहीं कुछ दफ्तर खुले होने के बावजूद कर्मचारी अनुपस्थित रहे।शिक्षा विभाग, आरटीओ, पीएचई विभाग सहित अन्य विभागों के बंद रहने से अपने कार्य कराने पहुंचे आम नागरिकों को मायूसी हाथ लगी और उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक तेज एवं व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।






