बसना(जीतयादव)। ग्राहकों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने का भरोसा देने वाली एक फाइनेंस कंपनी में लाखों रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। करीब एक साल से फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस को मामले में बड़ी सफलता मिली है।
फाइनेंस कंपनी पर ग्राहकों की रकम हड़पने का आरोप, पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर एक साल बाद आरोपियों को पकड़ा।
भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड की सरायपाली शाखा में ग्राहकों से वसूली गई रकम का गबन करने के मामले में पुलिस ने दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला करीब 22 लाख 66 हजार 645 रुपये के गबन से जुड़ा हुआ है, जिसमें शाखा के अधिकारियों और कर्मचारियों पर ग्राहकों से वसूली गई राशि बैंक में जमा न कर हड़पने का आरोप है।
मामले की शिकायत फाइनेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक हेमेन्द्र राजाराम जनबन्धु ने थाना सरायपाली में दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, फाइनेंस कंपनी के तत्कालीन शाखा प्रबंधक, फील्ड मैनेजर और क्रेडिट मैनेजर ने अलग-अलग समय में ग्राहकों से वसूली गई रकम को बैंक में जमा नहीं कर गबन किया।
जांच में सामने आया कि फाइनेंस कंपनी के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर शुभम पाणीग्राही ने 16 हितग्राहियों से वसूली गई 5.35 लाख रुपये की राशि जमा नहीं की। इसी प्रकार फील्ड मैनेजर दीपक कुमार पर 1.58 लाख रुपये, फील्ड मैनेजर रोहन प्रधान पर 5.54 लाख रुपये तथा क्रेडिट मैनेजर प्रमोद महंत पर 10.17 लाख रुपये के गबन का आरोप है। चारों आरोपियों पर कुल 22.66 लाख रुपये के गबन का मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की और लगातार फरार आरोपियों की तलाश में जुटी रही। तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने रोहन प्रधान और प्रमोद महंत को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पूछताछ और जांच के दौरान दोनों आरोपियों की मामले में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार इस मामले में पूर्व में शुभम पाणीग्राही को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं अन्य आरोपियों की भूमिका और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच अभी भी जारी है।
आर्थिक अपराधों और जनता की मेहनत की कमाई से जुड़े मामलों में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा वित्तीय अनियमितता या गबन किए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



