बसना। बसना ब्लॉक के ग्राम छान्दनपुर में तीन माह की एक बच्ची की पोलियो एवं नियमित टीकाकरण के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत का मामला सामने आया है। घटना को लेकर परिजनों ने संबंधित स्वास्थ्य कर्मी पर लापरवाही का आरोप लगाया है।परिजनों के अनुसार ग्राम छान्दनपुर निवासी वासुदेव यादव अपनी पत्नी संगीता के साथ 26 दिसंबर को अपनी तीन माह की बेटी शानवी को नियमित टीकाकरण के लिए अरेकेल उप स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए थे।
टीकाकरण के बाद बिगड़ी हालत छान्दनपुर गांव की घटना परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मी पर लगाया लापरवाही का आरोप

स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ महिला स्वास्थ्य कर्मी क्षेमलता डडसेना के अवकाश पर होने के कारण वहां मौजूद दूसरे स्वास्थ्य कर्मी विनोद साहू ने बच्ची को टीका लगाया।
परिजनों का आरोप है कि पहली बार में टीका ठीक से नहीं लगने पर स्वास्थ्य कर्मी ने मोबाइल देखकर दोबारा टीका लगाया। उनका कहना है कि टीकाकरण के बाद बच्ची लगातार रोने लगी। इसके बाद परिजन बच्ची को लेकर गांव पथरला की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम खेमड़ा पहुंचने पर बच्ची की हालत और बिगड़ गई तथा उसकी नाक से खून बहने लगा।

परिजन बच्ची को तत्काल उपचार के लिए जगदीशपुर अस्पताल ले गए, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद बच्ची को बसना स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) आई. नागेश्वर राव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बच्ची की सांस की नली में दूध और खून जमा हो गया था, जिससे वह सांस नहीं ले पा रही थी। खांसी के दौरान नस फटने से बच्ची की मौत हुई है।घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं परिजन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।


