पत्रकार हत्याकांड: बीजापुर में मुख्य आरोपी सुरेश चंद्रकार के अवैध बाड़े पर बुलडोजर
बीजापुर। पत्रकार मुकेश चंद्रकार हत्याकांड के मुख्य आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्रकार के अवैध बाड़े पर सोमवार को प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। चट्टान पारा इलाके में सरकारी जमीन पर बने इस बाड़े में 11 कमरे बनाए गए थे। इसी बाड़े के सेप्टिक टैंक में जनवरी में पत्रकार मुकेश की लाश मिली थी।
अवैध कब्जा ध्वस्त
नगर पालिका और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम, भारी पुलिस बल के साथ चट्टानपारा स्थित आरोपी के बाड़े पर पहुंची। पहले इसे क्राइम सीन घोषित कर सील किया गया और फिर JCB मशीन से पूरा ढांचा तोड़ दिया गया।
बीजापुर एसडीएम जागेश्वर कौशल ने बताया कि आरोपी को पहले कई बार नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। कोर्ट से राहत न मिलने के बाद यह कानूनी कार्रवाई की गई।
हत्या की वारदात और खुलासा
1 जनवरी 2025 को पत्रकार मुकेश चंद्रकार लापता हुआ था।
2 जनवरी को परिजनों ने खोजबीन शुरू की।
3 जनवरी की शाम पुलिस ने सुरेश के अवैध बाड़े की जांच की।
वहीं बने सेप्टिक टैंक से मुकेश का शव बरामद हुआ।
4 जनवरी की देर रात रायपुर एयरपोर्ट से सुरेश के भाई रितेश चंद्रकार को गिरफ्तार किया गया।
इसके बाद सुरेश सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया।
मार्च 2025 में एसआईटी ने 1200 पेज की चार्जशीट कोर्ट में पेश की, जिसमें बताया गया कि मुकेश की खबरों से परेशान होकर हत्या की साजिश रची गई थी।
सड़क घोटाले से जुड़ा मामला
जांच में यह भी सामने आया कि 2009 में केंद्र सरकार की सड़क आवश्यकता योजना के तहत गंगालूर से मिरतुर तक सड़क निर्माण के लिए 56 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे। काम का ठेका चार फर्मों को दिया गया था, जिसमें सुरेश भी शामिल था। लेकिन 15 साल बाद भी सड़क अधूरी है और लागत 120 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।
लगभग 52 किमी सड़क के टुकड़े-टुकड़े कर काम कराया गया। 12-15 किमी तक डामर बिछाया गया, लेकिन घटिया क्वालिटी के कारण कुछ ही दिनों में सड़क उखड़ने लगी।



