महासमुंद(जीतयादव)। महासमुंद पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने के मामले में करीब छह साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ट्रेलर वाहन का मालिक है और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए छत्तीसगढ़ से बाहर पंजाब में छिपकर रह रहा था।
ट्रेलर के फर्जी नेशनल परमिट और कूटरचित दस्तावेजों के मामले में वाहन मालिक सतनाम सिंह गिरफ्तार, CDR और तकनीकी विश्लेषण से महासमुंद पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई।
मामला वर्ष 2020 का है। 22 अगस्त 2020 को खम्हारपाली चेक पोस्ट पर वाहन क्रमांक CG04 JD 1539 की जांच के दौरान उसके नेशनल परमिट दस्तावेज संदिग्ध पाए गए थे। दस्तावेजों की परिवहन विभाग की वेबसाइट से जांच करने पर संबंधित परमिट छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा जारी नहीं किया जाना पाया गया। पुलिस के अनुसार, दस्तावेजों में कूटरचना कर फर्जी सील और हस्ताक्षर के माध्यम से परमिट तैयार कर शासन को गुमराह करने का मामला सामने आया था।
इस संबंध में थाना सिंघोड़ा में अपराध क्रमांक 66/2020 के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। घटना के बाद ट्रेलर चालक सोनू सिंह गिल उर्फ सोहन सिंह वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया था, जबकि वाहन मालिक सतनाम सिंह भी गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहा था। दोनों आरोपियों की पिछले करीब पांच-छह वर्षों से तलाश की जा रही थी।
महासमुंद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश के लिए सीडीआर एनालिसिस, तकनीकी विश्लेषण और टावर डंप की मदद ली। तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी सतनाम सिंह की लोकेशन का पता चलने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर थाना सिंघोड़ा लाया।
पूछताछ में आरोपी ने वर्ष 2020 की घटना के संबंध में जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में पुलिस फरार चालक की भी तलाश कर रही है।


