महासमुंद(जीतयादव)। महासमुंद पुलिस और साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम घोड़ारी स्थित एक फर्सी फैक्ट्री में चल रहे पेट्रोल-डीजल की अवैध हेराफेरी के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने फैक्ट्री परिसर से भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ जब्त करते हुए कुल 47,700 लीटर पेट्रोल और डीजल बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 45 लाख 22 हजार 130 रुपये बताई जा रही है। मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
घोड़ारी स्थित बालाजी फर्सी फैक्ट्री से 47,700 लीटर पेट्रोल-डीजल जब्त, 7 आरोपी गिरफ्तार, 45 लाख से अधिक का ज्वलनशील पदार्थ बरामद।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए लगातार गश्त और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया था। इसी दौरान 7 मार्च 2026 को सूचना मिली कि ग्राम घोड़ारी स्थित बालाजी फर्सी फैक्ट्री में राहुल यादव नामक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से भारी मात्रा में पेट्रोल और डीजल का भंडारण किया गया है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री परिसर की घेराबंदी की। जांच के दौरान फैक्ट्री के अंदर टैंकर, लोहे के ड्रम और सिनटेक्स टैंकों में बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल भरा हुआ मिला। जांच में कुल 10,120 लीटर पेट्रोल और 37,580 लीटर डीजल बरामद हुआ।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह मंदिर हसौद गैस कंपनी से टैंकर में भेजे जाने वाले पेट्रोल-डीजल को फैक्ट्री में लाकर अवैध रूप से स्टोर करता था। इसके बाद सड़क पर चलने वाले ट्रक ड्राइवरों से कम कीमत में पेट्रोल-डीजल खरीदकर अन्य वाहनों को अधिक कीमत में बेचने का कारोबार किया जाता था।
मौके से पुलिस ने दो फ्यूल टैंकर ट्रक, ड्रम, सिनटेक्स टैंक, पाइप, पंप, जरीकैन सहित अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और नगदी रकम भी बरामद की गई है।

पुलिस ने मामले में राहुल यादव (27), ओमप्रकाश उर्फ कालिया (38), उमेश साहू (56), सुशंक च्वाईसी (31), शिवानंद चौबे (27), बिट्टु कुमार सिंह (32) और महेश यादव (40) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 287 बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3(7) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
पूरी कार्रवाई थाना महासमुंद पुलिस और साइबर पुलिस टीम द्वारा संयुक्त रूप से की गई।



