महासमुंद। जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरायपाली क्षेत्र के तीन अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान टीम ने 55 लीटर हाथभट्टी महुआ शराब और 557 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया। कार्रवाई में चार प्रकरण दर्ज किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई मानी जा रही है।
यह कार्रवाई गुरुवार सुबह सुबह 6 बजे की गई, जिसमें पिथौरा, सांकरा और सरायपाली की संयुक्त 20 सदस्यीय टीम शामिल रही। टीम ने गांव पलसापाली में सुनियोजित तरीके से दबिश दी। उल्लेखनीय है कि यही वह गांव है, जहां वर्ष 2024 में एसडीएम ओंकारेश्वर ठाकुर की कार्रवाई के दौरान उपद्रवियों ने उनकी बोलेरो वाहन में आग लगा दी थी, जिसके चलते टीम को वापस लौटना पड़ा था।
दो महिलाओं से भारी मात्रा में शराब और लाहन बरामद
आबकारी विभाग ने आरोपी सोनाबाई जोल्हे के कब्जे से 14 लीटर महुआ शराब और 250 किलो महुआ लाहन, वहीं शांता बाई जोल्हे के पास से 16 लीटर शराब और 225 किलो लाहन जब्त किया। आरोपी प्लास्टिक ड्रम में शराब तैयार कर उसे बाड़ी और बोरी में छिपाकर रखे हुए थे। तलाशी के दौरान जंगल में शराब निर्माण में उपयोग होने वाले बर्तन और चूल्हों को नष्ट किया गया।
पहले भी हो चुकी है बड़ी जब्ती
इससे पहले उपनिरीक्षक अनिल झंरिया द्वारा की गई कार्रवाई में आरोपी श्याम खुटे से 650 लीटर अवैध शराब और 2000 किलो महुआ लाहन जब्त किया जा चुका है।
मजबूत नेटवर्क, कार्रवाई से पहले हो जाते हैं फरार
ग्रामीणों के अनुसार करीब 1000 की आबादी वाले गांव में शराब माफिया जंगल के भीतर शराब तैयार करते हैं। इनका सूचना तंत्र काफी मजबूत है, जिससे टीम की भनक लगते ही आरोपी फरार हो जाते हैं। कई मामलों में टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से भाग चुके थे।आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ निरंतर और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।





