राशनकार्डधारियों के हित में बड़ा निर्णय : प्राथमिक कृषि साख समितियों द्वारा संचालित पीडीएस दुकानें निलंबित, ग्राम पंचायतों को कार्यभार सौंपा
महासमुंद(जीत यादव)।जिला प्रशासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आम उपभोक्ताओं को समय पर और सुचारू रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) द्वारा संचालित सभी शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को निलंबित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया।
समितियों से कार्यभार हटाकर ग्राम पंचायतों को अधिकार
शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का संचालन अब आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाएगा। जिले में महासमुंद के 67, बागबाहरा के 25 तथा सरायपाली क्षेत्र की 64 समितियों से कार्यभार वापस ले लिया गया है। इस संबंध में संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा आदेश जारी कर ग्राम पंचायतों को नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
हड़ताल के कारण खाद्यान्न वितरण प्रभावित
आदेश में उल्लेख किया गया है कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रबंधक एवं विक्रेता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसके चलते नवंबर माह का खाद्यान्न वितरण प्रारंभ नहीं हो पाया है। इससे अंत्योदय, निराश्रित, निशक्तजन, प्राथमिकता एवं APL वर्ग के लाभार्थियों को अब तक आवंटित खाद्यान्न प्राप्त नहीं हो सका।
जबकि छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के प्रावधानों के अनुसार हर माह पहले सप्ताह में खाद्यान्न वितरण प्रारंभ करना अनिवार्य है।
नियम उल्लंघन माना गया, दंड का प्रावधान
प्रशासन ने माना है कि पात्र कार्डधारियों को खाद्यान्न उपलब्ध न कराना नियंत्रण आदेश 2016 की शर्तों, विशेषकर शर्त क्रमांक 21 का उल्लंघन है, जो कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।
अस्थायी व्यवस्था लागू, हितग्राहियों को राहत
राशनकार्डधारी परिवारों के हितों और खाद्यान्न वितरण की सतत व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए समिति संचालकों को हटाकर ग्राम पंचायतों को अस्थायी रूप से पीडीएस दुकानों का संचालन सौंपा गया है, ताकि वितरण कार्य शीघ्र शुरू हो सके और कार्डधारियों को होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।






