महासमुंद(जीतयादव)। मानव तस्करी के मामलों में महासमुंद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग प्रकरणों में संवेदनशीलता और सख्ती का परिचय दिया है। एक ओर पुलिस ने फंसे हुए परिवार को सुरक्षित रेस्क्यू कर घर पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर बंधक बनाकर मजदूरी कराने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई।
मानव तस्करी कर उत्तरप्रदेश में बंधक बनाकर मजदूरी कराने का खुलासा, पीड़ितों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया।
पहले मामले में थाना बागबाहरा क्षेत्र के निवासी लोकेश ठाकुर और उनकी पत्नी कृष्णी ठाकुर काम की तलाश में उत्तरप्रदेश के अलीगढ़-गोंडा क्षेत्र चले गए थे, जहां वे फंस गए और वापस लौटने में असमर्थ हो गए। परेशानी में उन्होंने महासमुंद पुलिस से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम भेजकर दोनों को उनके बच्चों सहित सुरक्षित रेस्क्यू कर घर पहुंचाया गया।

दूसरे प्रकरण में बागबाहरा क्षेत्र की एक पीड़िता की शिकायत पर ग्राम देवरी के दो बिचौलियों शांताराम साहू और तोरण प्रजापति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि दोनों ने ग्रामीणों को अधिक पैसे का लालच देकर उत्तरप्रदेश के ईंट भट्ठों में बंधक बनाकर अमानवीय परिस्थितियों में काम करने को मजबूर किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

महासमुंद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाहरी राज्यों में काम के नाम पर मिलने वाले लालच से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।



