सिरपुर की धरोहर बचाने किसान मोर्चा का संकल्प, करणी कृपा पावर प्लांट के खिलाफ आंदोलन तेज
महासमुंद। विश्व धरोहर सिरपुर को बचाने की मुहिम एक बार फिर तेज हो गई है। करणी कृपा पावर प्लांट के खिलाफ पिछले साढ़े तीन साल से आंदोलन कर रहे राज्य आंदोलनकारी छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा ने बुधवार को खैरझिटी स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में सत्याग्रही किसानों की बैठक की।
बैठक में किसानों ने साफ कहा कि अब आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगा।
मुख्य अतिथि राज्य आंदोलनकारी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने कहा —
“उच्च न्यायालय सहित सभी संवैधानिक न्यायालयों ने किसानों को राहत दी है। अब करणी कृपा पावर कंपनी के अवैध कब्जे और प्रदूषण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की बारी है।”
अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाने की तैयारी
अनिल दुबे ने बताया कि डीएम महासमुंद के आदेश पर प्रशासन जल्द ही करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कब्जाई गई शासकीय, आदिवासी और सिंचाई विभाग की जमीनों पर बुलडोजर चलवाकर कब्जा खाली करवाएगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने हाइवे और वनभूमि तक पर कब्जा कर अवैध निर्माण किया है।
प्रदूषण से सड़ रहा किसानों का धान
किसानों ने आरोप लगाया कि पावर प्लांट से निकलने वाला धुआं और राख आसपास के खेतों को बर्बाद कर रहा है।
धान की फसलें सड़ रही हैं और जलस्रोत प्रदूषित हो रहे हैं।
मोर्चा ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की, तो किसान करणी कृपा प्लांट के सामने “छत्तीसगढ़ महतारी” की प्रतिमा स्थापित कर वहीं अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठेंगे।
धरोहर बचाओ, सिरपुर बचाओ” का नारा
बैठक में किसानों ने सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहर और पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
मोर्चा ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पहचान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।
प्रमुख बातें
करणी कृपा पावर प्लांट के खिलाफ किसान मोर्चा 3.5 साल से आंदोलनरत।
उच्च न्यायालय से किसानों को मिली राहत।
प्रशासन को अवैध कब्जा खाली कराने के निर्देश।
प्लांट से प्रदूषण और फसलों की बर्बादी के आरोप।
जल्द सिरपुर में बड़े सत्याग्रह की तैयारी।



