गढ़पटनी । ग्राम गढ़पटनी में हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पूरे गांव में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। सुबह से ही कलश यात्रा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें ग्राम की महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर मंगल गीत गाते हुए शोभायात्रा निकाली।
इस अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी के बच्चों ने रामायण के पात्रों की आकर्षक झांकियां प्रस्तुत कीं। बच्चों ने श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता, शबरी और हनुमान जी के रूप में सजीव झलकियां प्रस्तुत कर उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। झांकियों ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और आस्था का भाव जगा दिया।
कलश यात्रा के उपरांत हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा पूजा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडित दिनमणि कर द्वारा सम्पन्न कराई गई। इस पावन अवसर पर जजमान गणेश पटेल और बृजेश्वरी पटेल रहे, जिन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न की। श्रद्धालुओं ने सामूहिक आरती में भाग लेकर हनुमान जी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर हिन्दू परिषद के विभाग मंत्री श्री सौरभ अग्रवाल और प्रखंड उपाध्यक्ष दिनेश डड़सेना भी उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में बौद्धिक प्रेरणा, एकता और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे धर्म, संस्कृति और सेवा के मार्ग पर चलते हुए समाज के उत्थान में योगदान दें।
पूजन के पश्चात भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें ग्राम के श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों ने प्रसाद ग्रहण किया। वातावरण भक्ति और सौहार्द से ओत-प्रोत रहा।
संध्याकाल में शारदा मानस मंडली, सोनाखान सरायपाली द्वारा सुंदरकांड और रामायण पाठ का आयोजन हुआ, जिसने पूरे ग्राम को भक्ति रस में डूबो दिया। “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों से सम्पूर्ण गांव गूंज उठा।
इस अवसर पर सरपंच लक्ष्मी प्रसाद पटेल, प्रवीण कैवर्त(पंच), रोशन पटेल(उप सरपंच) , सियाराम पटेल, देवानंद पटेल, देवेन्द्र निषाद, विश्वजीत कैवर्त, महेन्द्र पटेल, भगतराम पटेल, लाला अमरनाथ कैवर्त, मनीषा पटेल, माधुरी पटेल, कृष्णा गुरुजी, सुग्रीव भोई, राधेश्याम पटेल, प्रधान पाठक सरविंद सिदार, लगन नाग, खीरवंती भोई, चंचला सतपती, निरुपमा विशाल, शंकर सिदार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, बच्चे, महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को ऐतिहासिक, भक्ति और एकता का प्रतीक बताया। ग्राम गढ़पटनी का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उदाहरण बन गया।



