बसना(जीतयादव)। शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में गुरुजनों के सम्मान के साथ बाल संसद का गठन भी किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व के साथ-साथ नेतृत्व, अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाया गया।
गुरुजनों के सम्मान के साथ विद्यार्थियों को सौंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारियां, गढ़पटनी में बाल संसद के माध्यम से नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर दिया जोर।
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना एवं गुरुजनों के सम्मान के साथ हुई। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया। इस दौरान विद्यार्थियों को गुरु पूर्णिमा के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए गुरु-शिष्य परंपरा की महानता पर प्रकाश डाला गया।
बाल संसद गठन के तहत रोहित पटेल को प्रधानमंत्री एवं मन्नत नायक को उप प्रधानमंत्री चुना गया। वहीं मानसी एवं जयराज को खेल मंत्री, तमन्ना एवं ध्रुव दास को पर्यावरण मंत्री, भूमि पटेल एवं पुष्पेन्द्र पटेल को सफाई एवं स्वास्थ्य मंत्री, मीनाक्षी एवं प्रतीक को सांस्कृतिक मंत्री तथा हिमांशु एवं संध्या को पुस्तकालय मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसी तरह शांतानू एवं चहल को प्रार्थना प्रभारी, रामेश्वरी एवं विकास को मध्यान्ह भोजन प्रभारी तथा शिवानी एवं ताराचंद को व्यायाम प्रभारी बनाया गया। इसके अलावा रोहित पटेल को शाला नायक और मन्नत नायक को शाला नायिका का दायित्व प्रदान किया गया।
इस अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी के प्रधान पाठक श्री सरविन्द सिदार ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु जीवन का मार्गदर्शक होता है, जो विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने बाल संसद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी और अनुशासन के साथ निर्वहन करने की अपील की।
सहायक शिक्षक श्री लगन नाग एवं श्रीमती खीरवंती भोई ने भी विद्यार्थियों को जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक पालन करने और अनुशासित जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने गढ़पटनी विद्यालय की प्रगति, स्वच्छता, अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। गुरु पूर्णिमा और बाल संसद गठन का यह आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और संस्कार विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।


