पिथौरा(जीतयादव)। सरायपाली कोर्ट परिसर में एक आदिवासी युवक के साथ मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि घटना के कई दिन बाद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे वह दहशत में है और अब न्याय के लिए उच्च स्तर पर गुहार लगाने की तैयारी कर रहा है।
पीड़ित आदिवासी युवक ने पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का लगाया आरोप, न्याय के लिए उच्च स्तर पर गुहार की तैयारी।
जानकारी के अनुसार, लारीपुर निवासी वशिष्ठ सिदार 7 मई 2026 को एसडीएम कोर्ट, सरायपाली में पेशी के बाद बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान पिथौरा निवासी आशीष अग्रवाल ने कथित रूप से उनका कॉलर पकड़ लिया और कोर्ट परिसर में ही मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने जान से मारने की धमकी देने के साथ जातिसूचक गालियां भी दीं।
घटना के बाद पीड़ित आदिवासी युवक ने तुरंत सरायपाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, उनका आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित का कहना है कि पुलिस मामले को अनुसूचित जाति आयोग से जुड़ा बताकर कार्रवाई से बच रही है।
पीड़ित वशिष्ठ सिदार ने कहा कि घटना के बाद से वह लगातार भय के माहौल में जी रहे हैं और न्याय पाने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला कोर्ट परिसर जैसी संवेदनशील जगह पर सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है।



