बसना(जीतयादव)। शासकीय उच्च प्राथमिक शाला बिछिया (पो.), विकासखंड बसना में विद्यार्थियों को लोकतंत्र की कार्यप्रणाली और मतदान प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव कराने के उद्देश्य से विद्यालय संसद चुनाव सत्र 2026-27 का आयोजन किया गया। कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक चुनाव प्रक्रिया में भाग लिया।
बिछिया में विद्यार्थियों ने मतदान, मतगणना और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया में लिया हिस्सा, आभाष यादव बने विद्यालय के प्रधानमंत्री।
चुनाव के दौरान विद्यार्थियों को मतदान, मतगणना, परिणाम घोषणा और शपथ ग्रहण की पूरी प्रक्रिया से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने अपने प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदान किया और इसके बाद पारदर्शी तरीके से मतगणना कर परिणाम घोषित किए गए।
कक्षा पहली से भुवनेश्वरी जगत, दूसरी से पूनम पटेल और तीसरी से शौर्य साव निर्विरोध कक्षा मंत्री चुने गए। कक्षा चौथी में प्रभंजन यादव 6 मत प्राप्त कर कक्षा मंत्री और रीतु यादव 4 मत के साथ उप कक्षा मंत्री बनीं। कक्षा पांचवीं में आहना साहू को 6 मत और बबली प्रधान को 4 मत मिले।
कक्षा छठवीं में गोपेश गड़तिया 15 मत के साथ कक्षा मंत्री और नीलम यादव 9 मत के साथ उप कक्षा मंत्री बनीं। कक्षा सातवीं में देवकी प्रधान को 11 मत और लीजा साहू को 6 मत मिले। वहीं कक्षा आठवीं में पूनम यादव 8 मत के साथ कक्षा मंत्री तथा लोकेश पटेल 7 मत के साथ उप कक्षा मंत्री चुने गए।
बिछिया विद्यालय के प्रधानमंत्री (शाला नायक) पद के चुनाव में कक्षा आठवीं के आभाष यादव ने सर्वाधिक 37 मत हासिल कर जीत दर्ज की। भूपेंद्र को 27 और दिपान पटेल को 23 मत प्राप्त हुए। दोनों को बाल कैबिनेट में उप प्रधानमंत्री का दायित्व सौंपा गया।
नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री, कक्षा मंत्रियों और उप कक्षा मंत्रियों को विद्यालय के विकास, अनुशासन, स्वच्छता, नियमित अध्ययन एवं आपसी सहयोग के लिए शपथ दिलाई गई।
संसद चुनाव का आयोजन बिछिया विद्यालय के प्रभारी प्रधान पाठक श्री रामनाथ साव के मार्गदर्शन में हुआ। श्री विनोद विशाल, श्रीमती शुभकुमारी बाघ, श्री नरेश कुमार मिश्रा, प्राथमिक प्रधान पाठक श्री अभिषेक कर एवं सहायक शिक्षक श्री सुशील प्रधान ने आयोजन को सफल बनाने में विशेष सहयोग दिया।
विद्यालय परिवार ने सभी नवनिर्वाचित बाल प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए लोकतंत्र को केवल किताबों में पढ़ने के बजाय व्यवहार में समझने और सीखने का प्रेरणादायक अवसर बना।


