सरायपाली(जीतयादव)। सरायपाली थाना क्षेत्र के अमरकोट धान उपार्जन केंद्र में हुए करीब 1.65 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
धान खरीदी वर्ष 2024-25 के दौरान हजारों बोरी धान की कमी मिली, पुलिस ने केंद्र प्रभारी और बारदाना प्रभारी को पकड़ा।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला धान खरीदी वर्ष 2024-25 का है। अमरकोट धान उपार्जन केंद्र में भौतिक सत्यापन के दौरान कुल 14,221 बोरी के मुकाबले 11,416 बोरी कम पाई गई। 40 किलो प्रति बोरी के हिसाब से यह कमी 4566.40 क्विंटल धान की थी, जिसकी अनुमानित कीमत 3100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से लगभग 1 करोड़ 65 लाख 80 हजार 908 रुपये आंकी गई।

इस संबंध में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के कर्मचारी अमृत लाल जगत की शिकायत पर सरायपाली थाना में धोखाधड़ी और गबन की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।जांच के दौरान उपार्जन केंद्र प्रभारी कार्तिकेश्वर यादव, बारदाना प्रभारी तेजराम पटेल और कंप्यूटर ऑपरेटर राजेंद्र पटेल को इस घोटाले में दोषी पाया गया।
मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर राजेंद्र पटेल ने 2 फरवरी 2026 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि उपार्जन केंद्र प्रभारी कार्तिकेश्वर यादव और बारदाना प्रभारी तेजराम पटेल घटना के बाद से फरार चल रहे थे।

पुलिस ने तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर 3 अप्रैल 2026 को दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मुंधा निवासी कार्तिकेश्वर यादव (56 वर्ष) और चकरदा निवासी तेजराम पटेल (33 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश कर दिया है।


