सरायपाली (जीत यादव)।युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत संकुल केंद्र डुडूमचुवाँ में विभिन्न विद्यालयों से शिक्षकों के प्रशासनिक स्थानांतरण होने के कारण पांच नए शिक्षकों का आगमन हुआ है, वहीं एक शिक्षक का अन्य संकुल में स्थानांतरण किया गया है। इसी उपलक्ष्य में रायपानी जंगल की सुरम्य प्राकृतिक वादियों में स्वागत सह विदाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संकुल प्राचार्य डोमलाल पारेश्वर थीं। अध्यक्षता टिकेश्वर पटेल ने की और विशिष्ट अतिथि के रूप में नवपदस्थ शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का संचालन संकुल समन्वयक छबिलाल पटेल ने किया। उन्होंने नवागंतुक शिक्षकों का स्वागत करते हुए संकुल की कार्यप्रणाली और परंपराओं से अवगत कराया तथा छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु सामूहिक रूप से कार्य करने पर जोर दिया।
सम्मान समारोह
कार्यक्रम के दौरान नवपदस्थ शिक्षकों का पुष्पगुच्छ, तिलक, गुलाल, पेन-डायरी भेंट कर स्वागत किया गया। इनमें —
सुशील कुमार नायक (शा. प्रा. शाला मोहनमुंडा)
सुंदर लाल डडसेना एवं डिंगर दास वैष्णव (शा. आ. कन्या आश्रम डुडूमचुवाँ)
कु. अंबिका बरिहा, विज्ञान सहायक
कु. प्रियंका बाघ, व्याख्याता (शा. हायर सेकंडरी स्कूल डुडूमचुवाँ) शामिल रहे।
वहीं संकुल से स्थानांतरित शिक्षक डिग्रीलाल पटेल (शा. प्रा. शाला काकेनचुवाँ से शा. प्रा. शाला कंवरपाली) को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर भावभीनी विदाई दी गई।
शिक्षकों के उद्बोधन
कार्यक्रम में शामिल सभी शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए।
सुशील नायक ने संकुल की महत्ता पर आधारित कविता प्रस्तुत की।
सुंदर लाल डडसेना ने अपनी कविता “जहां न पहुंचे रवि, वहां पहुंचे कवि, और जहां न पहुंचे कवि, वहां पहुंचे अनुभवी” का वाचन किया।
डिंगर दास वैष्णव ने कहा कि शिक्षक के लिए कुछ भी असंभव नहीं होता।
कु. अंबिका बरिहा ने हास्य पंक्तियों के साथ अपने नवशिक्षकीय अनुभव साझा किए।
कु. प्रियंका बाघ ने विद्यालय और संकुल की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।
स्थानांतरित शिक्षक डिग्रीलाल पटेल ने भावुक उद्बोधन देते हुए कहा कि स्थानांतरण के बावजूद वे सदैव इस संकुल परिवार से जुड़े रहेंगे।
उपस्थित जन
कार्यक्रम में रवि यादव, संतोष साव, दुर्गेश नायक, हरिप्रिया चौधरी, दिनेश पटेल, जयप्रकाश बरिहा, मीरा पटेल, ज्योति पटेल, मनोज बिश्रा, कुमार पटेल, कीर्तन दीवान, रूपसिंह सिदार, यादराम साहू, मीना बाघ, संजय दीवान, छबिलाल साव, धनंजय पटेल, हेमंत चंद्रवंशी और कु. अंजनी चौहान सहित संकुल परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में यादराम साहू ने आभार प्रदर्शन किया।






