डीईओ विजय कुमार लहरे ने बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार हेतु ली समीक्षा बैठक
सरायपाली (जीत यादव) :- विकासखंड सरायपाली के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे की अध्यक्षता में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, सरायपाली में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित प्राचार्यों एवं बीईओ द्वारा डीईओ लहरे का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।
बैठक में अधिकारियों ने दिए दिशा-निर्देश
बैठक का संचालन एवं मार्गदर्शन विकासखंड शिक्षा अधिकारी टीसी पटेल, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी डी.एन. दीवान तथा विकासखंड स्रोत केंद्र समन्वयक देवानंद नायक द्वारा किया गया। सभी अधिकारियों ने बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार हेतु आवश्यक कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
डीईओ ने परीक्षा सुधार के लिए दिए प्रमुख निर्देश
डीईओ लहरे ने प्राचार्यों को कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा—
विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
प्राचार्य स्वयं कक्षा निरीक्षण नियमित रूप से करें।
पाठ्यक्रम का 100% पालन अनिवार्य रूप से हो।
प्रत्येक स्कूल में पाक्षिक परीक्षा का नियमित आयोजन किया जाए।
ब्लूप्रिंट आधारित अध्यापन कराया जाए और विद्यार्थियों को इसकी जानकारी दी जाए।
त्रैमासिक परीक्षा परिणाम का विश्लेषण कर विद्यार्थियों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत कर विशेष तैयारी कराई जाए।
हर परीक्षा के बाद पालक-शिक्षक बैठक (PTM) अनिवार्य रूप से आयोजित हो।
प्राथमिक से हायर सेकेंडरी तक मूल्यांकन मानक स्पष्ट
बीईओ पटेल ने बताया कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर मूल्यांकन में—
20% त्रैमासिक, 20% अर्द्धवार्षिक और 60% वार्षिक परीक्षा का अधिभार निर्धारित किया गया है। इससे विद्यार्थियों की निरंतर प्रगति का आकलन अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा।
विद्यार्थियों के दस्तावेज़ और आईडी जनरेशन पर विशेष निर्देश
डीईओ लहरे ने जिले के सभी विद्यालयों को निर्देशित किया कि सभी विद्यार्थियों के Aadhar ID (आइकार्ड) शत-प्रतिशत जनरेट किए जाएँ। साथ ही, जाति प्रमाण पत्र हेतु विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र विद्यार्थियों का प्रमाणीकरण तत्काल पूर्ण किया जाए।
सभी प्राचार्य बैठक में रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में विकासखंड सरायपाली के सभी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य आगामी बोर्ड परीक्षा में बेहतर, संतुलित और उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करना था।






