छत्तीसगढ़ में जनगणना से पहले शुरू हुआ स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) — रायपुर जिले में अब तक सिर्फ 21% फॉर्म ही बांटे गए
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस प्रक्रिया के तहत राज्य में मतदाता सूची का अद्यतन किया जा रहा है ताकि आगामी चुनावों से पहले हर पात्र नागरिक का नाम सूची में सुनिश्चित किया जा सके।
निर्वाचन आयोग ने SIR प्रक्रिया को 4 दिसंबर 2025 तक पूरा करने की समय-सीमा तय की है। लेकिन रायपुर जिले में अब तक सिर्फ 21.42% फॉर्म ही वितरित किए गए हैं, जबकि जिले में कुल 18 लाख 92 हजार 523 मतदाता पंजीकृत हैं।
बीएलओ को घर ढूंढने में आ रही कठिनाई
बीएलओ (Booth Level Officer) के अनुसार, शहरी इलाकों में घरों का पता लगाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर मिलान किया जा रहा है, लेकिन तब के कई मतदान केंद्र अब नए वार्डों में स्थानांतरित हो चुके हैं।
इसी वजह से कई मतदाता अब उस बूथ में नहीं रहते जहाँ पहले उनका नाम दर्ज था।
रायपुर जिले की स्थिति इस प्रकार है —
धरसींवा विधानसभा क्षेत्र: सबसे बेहतर प्रदर्शन, 35.16% फॉर्म वितरण
रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र: सबसे कम, सिर्फ 9.28% फॉर्म वितरण
ग्रामीण क्षेत्र: शहरी क्षेत्रों की तुलना में बेहतर प्रगति
हर घर पर लग रहा औसतन 30 मिनट का समय
बीरगांव में कार्यरत बीएलओ नीलकंठ ने बताया,
“मतदाता सूची के गहन परीक्षण में अब एक घर पर औसतन 25 से 30 मिनट का समय लग रहा है। करीब 90% फॉर्म हमें खुद भरने पड़ रहे हैं क्योंकि लोग प्रपत्र को सही से समझ नहीं पा रहे।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थानीय सहयोगी साथ हों तो डेटा मैपिंग का कार्य तेजी से पूरा हो सकता है।
तकनीकी दिक्कतें भी बनी बड़ी चुनौती
हीरापुर क्षेत्र के बीएलओ धर्मेश ने बताया कि सर्वे में सबसे बड़ी दिक्कत उन मतदाताओं की है जिनका मूल नामांकन अन्य राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार) में हुआ था।
“कई महिलाएं शादी के बाद छत्तीसगढ़ आई हैं, लेकिन पुराने राज्य की वोटर लिस्ट बीएलओ एप पर खुल नहीं रही। ऐसे में रिकॉर्ड मिलान करना असंभव हो गया है।”
इस तकनीकी कमी के कारण SIR प्रक्रिया की गति बेहद धीमी हो गई है।
केवल 22 दिन बचे — 79% कार्य बाकी
अब SIR प्रक्रिया पूरी करने के लिए सिर्फ 22 दिन शेष हैं। इतने कम समय में बीएलओ को शेष 79.58% फॉर्म वितरण और संग्रहण का कार्य पूरा करना होगा।
जिला प्रशासन का कहना है कि निर्वाचन कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी बीएलओ को अतिरिक्त सहायता और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा किया जा सके।



