महासमुंद। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण सेवाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से Unicef के वरिष्ठ पोषण विशेषज्ञों के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने महासमुंद जिले का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों का निरीक्षण कर फील्ड स्तर पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की और सेवाओं की गुणवत्ता का अवलोकन किया।
Unicef के वरिष्ठ पोषण विशेषज्ञों ने जिला अस्पताल का किया निरीक्षण, मातृ एवं शिशु पोषण सुधार के प्रयासों को बताया प्रभावी और सराहनीय।
प्रतिनिधिमंडल में Unicef बैंकॉक की वरिष्ठ पोषण सलाहकार क्रिस्टियान रुडर्ट, यूनिसेफ इंडिया की मुख्य पोषण अधिकारी मैरी-क्लॉड डेसिलेट्स, यूनिसेफ दिल्ली की पोषण विशेषज्ञ प्रीतू मिश्रा, पोषण अधिकारी डॉ. तरुण मिश्रा, यूनिसेफ रायपुर की पोषण विशेषज्ञ डॉ. अपर्णा देशपांडे तथा पोषण अधिकारी डॉ. महेंद्र प्रजापति शामिल थे।

9 जून को प्रतिनिधिमंडल ने महासमुंद जिले के बिरकोनी गांव का दौरा कर आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने सामुदायिक स्तर पर संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों, वृद्धि निगरानी, पोषण परामर्श गतिविधियों तथा लाभार्थियों तक पहुंच रही सेवाओं का बारीकी से अवलोकन किया। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से चर्चा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी ली।
इसके बाद Unicef टीम ने जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज का भ्रमण किया। यहां प्रसवपूर्व देखभाल (एएनसी) वार्ड, प्रसवोत्तर देखभाल (पीएनसी) वार्ड, विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) तथा पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का निरीक्षण किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्यकर्मियों से संवाद कर सेवाओं की गुणवत्ता, प्रबंधन व्यवस्था और पोषण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।

इस अवसर पर सेक्टर प्रभारी तोरण चंद्राकर, सेक्टर सुपरवाइजर किशोर कुमार पटेल, पुष्पलता चंद्राकर, संजय चंद्राकर, धनीराम पटेल, तापस मिस्त्री, हेमंत ठाकुर, दीपमाला दिवाकर, कोमल साहू, राजेंद्र सिदार, किरण कौशिक सहित मितानिन सुरजा बेहर, देवकी साहू, इंदु यादव, संध्या यादव तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सकून यादव, अंजनी साहू और लीला साहू उपस्थित रहीं।



