बसना(जीतयादव)। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल में ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम के तहत सी.वी. रमन विज्ञान क्लब अरेकेल एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा, बसना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों के लिए सर्पदंश से बचाव एवं प्राथमिक उपचार विषय पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा ऋतु में बढ़ने वाली सर्पदंश एवं विषैले जीवों से संबंधित घटनाओं के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करना था।
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल में विद्यार्थियों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार और वैज्ञानिक उपायों की दी गई जानकारी।
कार्यशाला में विज्ञान शिक्षक एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा, बसना इकाई के सदस्य प्रेमचन्द साव ने विद्यार्थियों को सर्पदंश की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सर्पदंश होने पर घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखें, अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें तथा प्रभावित अंग को स्थिर रखते हुए तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाकर एंटी स्नेक वेनम (ASV) उपचार दिलाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि झाड़-फूंक, घाव काटना, विष चूसना या रस्सी कसकर बांधना जैसे पारंपरिक उपाय वैज्ञानिक रूप से गलत हैं और मरीज की स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं।
उन्होंने बिच्छू, मधुमक्खी, ततैया तथा अन्य विषैले कीड़ों के काटने पर भी आवश्यक प्राथमिक उपचार और सतर्कता के उपाय बताए। विद्यार्थियों को घर और विद्यालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने, झाड़ियों की नियमित सफाई करने, रात में टॉर्च का उपयोग करने तथा खेतों में कार्य करते समय जूते एवं दस्ताने पहनने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान शैक्षिक वीडियो के माध्यम से सर्पदंश एवं अन्य विषैले जीवों से बचाव की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछकर विषय से जुड़ी उपयोगी जानकारियां प्राप्त कीं। इस अवसर पर शिक्षक हीराधर साव, रेखा पाण्डेय, आसमा परवीन, सरिता सिदार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



