रायगढ़। जिले में गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत लैलूंगा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई ग्राम कमरगा के घने जंगल में रातभर चले सर्च ऑपरेशन के दौरान की गई। पुलिस की भनक लगते ही तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
घने जंगल में रातभर चला सर्च ऑपरेशन, अजगर और जहरीले सांपों के बीच पुलिस ने सुरक्षित बचाए गौवंश ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित अभियान के तहत लैलूंगा पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर गौवंशों को जंगल के रास्ते ओडिशा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गिरधारी साव अपनी टीम के साथ मौके के लिए रवाना हुए।
पुलिस टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से देर रात घने जंगल में सर्च अभियान शुरू किया। जंगल में अंधेरा होने के साथ-साथ अजगर और जहरीले सांपों का भी खतरा था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने साहस और सतर्कता का परिचय देते हुए अभियान जारी रखा। इस दौरान एक विशाल अजगर भी रास्ते में मिला, जिसके बावजूद टीम आगे बढ़ती रही।
काफी तलाश के बाद पुलिस ने जंगल में 20 गौवंशों को लावारिस अवस्था में बरामद किया। इनमें गाय, बछिया और बछड़े शामिल थे। पुलिस टीम को देखते ही तस्कर मौके से भाग निकले। आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ के बावजूद किसी ने मवेशियों पर दावा नहीं किया।
इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी गौवंशों को जप्त किया और उनकी सुरक्षित देखभाल के लिए सलखिया गौशाला के अध्यक्ष जोगीराम भोय को अस्थायी सुपुर्दगी में सौंप दिया। वहीं, फरार तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।


