महासमुंद। किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन कौशल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित पांच दिवसीय पीयर एजुकेटर मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण का समापन हो गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के प्रशिक्षण केंद्र में 26 से 30 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न विकासखंडों से कुल 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण पूर्ण करने पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
पीयर एजुकेटर किशोर-किशोरियों तक पहुंचाएंगे स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी, पांच दिवसीय प्रशिक्षण में जिले के 40 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा।
प्रशिक्षण के दौरान पीयर एजुकेटर की भूमिका, किशोर-किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी देने, सकारात्मक स्वास्थ्य व्यवहार विकसित करने, जीवन कौशल और समुदाय स्तर पर जागरूकता गतिविधियों के प्रभावी संचालन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकेश्वर सिंह कुशवाहा ने कहा कि पीयर एजुकेटर किशोर-किशोरियों तक सही स्वास्थ्य जानकारी पहुंचाने और उनमें सकारात्मक व्यवहार विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग अपने-अपने विकासखंडों में प्रभावी तरीके से करने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित किया।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू धृतलहरे ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षित पीयर एजुकेटर अपने क्षेत्रों में किशोर-किशोरियों के बीच स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी और जागरूकता पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे।
प्रशिक्षण जिला सलाहकार अनुपम शर्मा एवं हेल्थ एजुकेटर हरिशंकर साहू ने मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रदान किया। इस दौरान बैजन्तीन भोई, रश्मि डहरिया, पूनम दिवान, ममता सिदार, मालती यादव, अमृता थक्वार, तुलेश्वरी साहू, गायत्री बूढ़ेक, शीला ध्रुव, रेखा दिवान और संतेश्वरी सोनवानी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के समापन पर सभी 40 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।


