बसना(जीत यादव)। छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दंतेवाड़ा जिले में उप पुलिस अधीक्षक (DSP) तोमेश वर्मा पर दिनदहाड़े हुए जानलेवा हमले की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, इस घटना में शामिल दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। दंतेवाड़ा पुलिस की मानें तो आरोपी रिटायर्ड फौजी रमाशंकर साहू और उसकी एक महिला मित्र, दोनों दुर्ग जिले के निवासी हैं। जानकारी के अनुसार, घटना से एक दिन पहले दोनों आरोपी दुर्ग से करीब 395 किलोमीटर दूर सुकमा पहुंचे थे, जहां उन्होंने DSP की गतिविधियों की रेकी की।
छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था पर सवाल, DSP पर दिनदहाड़े चाकू से हमला
बताया गया कि 19 दिसंबर को DSP तोमेश वर्मा एक केस के सिलसिले में सुकमा से दंतेवाड़ा कोर्ट आए थे। आरोपियों ने उनका पीछा करते हुए लगभग 80 किलोमीटर का सफर तय किया और दंतेवाड़ा पहुंच गए। इसी दौरान DSP शहर के बीच एक बाइक शोरूम के पास रुके थे।यहीं पर पहले महिला आरोपी DSP के पास पहुंची और उनसे बातचीत करने की कोशिश की। इसी बीच मौका पाकर उसका साथी रमाशंकर साहू पीछे से अचानक DSP पर चाकू से हमला कर दिया और उनके गले पर वार किया, जिससे DSP गंभीर रूप से घायल हो गए।

हमले के बावजूद DSP ने साहस का परिचय देते हुए खुद को संभाला और आरोपी को पकड़कर जमीन पर पटक दिया। DSP को अकेले संघर्ष करता देख आसपास मौजूद लोग भी मौके पर पहुंचे और आरोपी को काबू में लिया। लोगों ने उसके पास से चाकू छीना और उसे डिवाइडर में लगे लोहे के पोल से बांध दिया। कुछ देर बाद दंतेवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और हमलावर युवक व उसकी महिला मित्र दोनों को हिरासत में ले लिया गया। घायल DSP को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

इस सनसनीखेज घटना को लेकर कांग्रेस के सक्रिय नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जब कानून की रक्षा करने वाले अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा पर गंभीर खतरा है। उन्होंने प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए वर्तमान गृहमंत्री से इस्तीफे की मांग की।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हमला पूर्व नियोजित था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।



