बसना(जीत यादव)।भारत स्काउट्स एवं गाइड्स संघ छत्तीसगढ़, विकासखण्ड बसना द्वारा आयोजित तृतीय सोपान व निपुण जाँच शिविर के द्वितीय दिवस में विविध शिक्षण एवं मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। सुबह की शुरुआत स्काउट मास्टर हीराधर साव द्वारा सभी स्काउट-गाइड छात्र-छात्राओं को तीन किलोमीटर दौड़ कराकर वार्म-अप कराते हुए की गई।

शिविर संचालक गिरीश कुमार पाढ़ी ने बीपी सिक्स कराकर उसके महत्व से अवगत कराया। गाइड कैप्टन अन्नपूर्णा बुड़ेक ने सभी प्रतिभागियों को जुम्बा नृत्य करवाया, जिससे बच्चों में उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।
कक्षा समय में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया।
सचिव विवेकानंद दास ने स्काउट आंदोलन, साइन, सैल्यूट एवं हाथ मिलाने की विधि बताई।
हीराधर साव ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स ध्वज, दल एवं टोली ध्वज तथा विश्व स्काउट-गाइड ध्वज की जानकारी दी।
सुकमोती चौहान ने गाइड विंग के गणवेश व भलाई के कार्यों पर चर्चा की।
नीलम कुमार ने स्काउट-गाइड के संस्थापक बैडन पावेल की जीवनी से परिचित कराया।
सविता सुमन ने हाथ संकेत और सीटी संदेशों की जानकारी दी।
स्काउट मास्टर प्रेमचंद साव ने टोली विधि समझाई।
गिरीश गजेन्द्र ने खोज चिन्हों को विस्तारपूर्वक बताया।
शिविर संचालक गिरीश कुमार पाढ़ी ने गांठें एवं व्हीपिंग तकनीक का प्रशिक्षण दिया।

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स शिविर में जिला पर्यवेक्षक दिलीप निषाद, झनेश कुमार साहू, जिला प्रशिक्षण आयुक्त संतोष कुमार साहू और रामकुमार नायक विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला पर्यवेक्षक दिलीप निषाद ने बच्चों को मनोरंजक गतिविधियों में शामिल किया।जिला प्रशिक्षण आयुक्त संतोष कुमार साहू ने स्काउटिंग के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास—शारीरिक, बौद्धिक, शैक्षिक, तार्किक, आध्यात्मिक व अंतःकरण विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इससे युवाओं में समाज सेवा, देशभक्ति और उत्तरदायित्व की भावना प्रबल होती है।

जिला पर्यवेक्षक रामकुमार नायक ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स विद्यार्थियों को समय-सारिणी बनाकर अनुशासित जीवनशैली अपनाने प्रेरित किया। विकासखण्ड पिथौरा के सचिव एवं जिला पर्यवेक्षक झनेश कुमार साहू ने बताया कि स्काउटिंग से विद्यार्थी श्रेष्ठ नागरिक बनकर समाज हित में कार्य कर सकते हैं।एचडब्ल्यूबी स्काउट मास्टर डिजेन्द्र कुर्रे ने स्काउट वर्दी एवं प्राथमिक चिकित्सा पर प्रशिक्षण दिया और बताया कि अस्पताल ले जाने से पूर्व किस प्रकार धैर्यपूर्वक रोगी का प्राथमिक उपचार किया जाना चाहिए। उन्होंने प्राथमिक सहायक के गुण व नियम भी समझाए। अंत में समाजसेवी राजेंद्र अग्रवाल द्वारा सभी बच्चों को फल वितरित किए गए।




