बसना(जीतयादव)। बसना विकासखंड के ग्राम बाराडोली में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक कला पंडवानी की गूंज से पूरा माहौल भक्तिमय और रोमांचित हो उठा। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की अनूठी झलक देखने को मिली, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बाराडोली में निर्मल साहू के मार्गदर्शन में गुरु-शिष्य परंपरा की झलक, आसपास के गांवों से उमड़ी भीड़।
कार्यक्रम का आयोजन ग्राम बाराडोली निवासी ओमप्रकाश जगत के निवास पर आयोजित सत्यनारायण कथा पूजा के अवसर पर किया गया। इस मौके पर रायपुर जिले के तिल्दा निवासी पंडवानी गायिका कुमारी दुर्गा साहू अपनी मंडली के साथ पहुंचीं। उनका आत्मीय स्वागत आरती और कीर्तन के साथ किया गया।
रात्रि में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कुमारी दुर्गा साहू ने अपने गुरु निर्मल साहू के मार्गदर्शन में पंडवानी की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इसके साथ ही लोक गाथा भरथरी का मंचन भी किया गया, जिसे देखने बड़ी संख्या में आसपास के गांवों से दर्शक पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत “विराट पर्व” की कथा ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
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इस आयोजन ने गुरु-शिष्य परंपरा की जीवंत मिसाल पेश की, जहां गुरु निर्मल साहू के सान्निध्य में शिष्या दुर्गा साहू ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में यह भी देखने को मिला कि युवा वर्ग में लोक कला के प्रति गहरा लगाव और उत्साह है।
कार्यक्रम में भंवरपुर परिक्षेत्र के आदिवासी समाज अध्यक्ष गणेश सिदार, देवानंद नाग, पुरंदर बंछोर, ज्योति कुमार पटेल, महेंद्र पाल साहू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आसपास के कोदोपाली, भैंसाखुरी, नवागांव और भौंरादादर से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपरा को जीवंत रखने की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में सामने आया।



