रायगढ़। जिले में करीब 1 करोड़ 77 लाख रुपये की निवेश धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे आरोपी विश्वजीत देवनाथ को कोतवाली पुलिस ने “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को जांजगीर-चांपा से पकड़कर रायगढ़ लाया गया, जहां न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
6% मासिक रिटर्न का झांसा देकर निवेशकों से करोड़ रुपये जुटाने वाला आरोपी पुलिस गिरफ्त में।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को शेयर मार्केट ट्रेडिंग और व्यवसाय से जुड़ा बताकर निवेशकों को हर माह 6 प्रतिशत रिटर्न और मूलधन वापसी का लालच दिया था। शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को भुगतान भी किया गया, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी रकम निवेश कर दी।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने 13 से अधिक निवेशकों से कुल 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपये जुटाए थे। बाद में निवेशकों को संदेह हुआ कि उनके पैसे का कोई वैध दस्तावेज या डीमैट खाते से संबंध नहीं है, जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस में की गई।
कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपी की तलाश शुरू की और जांजगीर-चांपा पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह निवेशकों की रकम विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में लगाता था। उसने यह भी बताया कि शेयर बाजार में नुकसान होने के कारण वह निवेशकों की रकम वापस नहीं कर सका।
पुलिस अब आरोपी के करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन, निवेश नेटवर्क और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता चला है कि आरोपी के खिलाफ चांपा थाना में भी धोखाधड़ी का एक अन्य मामला दर्ज है।पुलिस अधिकारियों ने लोगों से निवेश करने से पहले संबंधित दस्तावेजों और योजनाओं की पूरी जांच-पड़ताल करने की अपील की है, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।


