पिथौरा(जीतयादव)। छत्तीसगढ़ के चर्चित किशनपुर योगमाया हत्याकांड(ANM) में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। वर्ष 2018 में हुए इस बहुचर्चित चौहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे दो दोषियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है, जबकि बाकी आरोपियों की याचिकाओं पर सुनवाई जारी है।
2018 के चर्चित चौहरे हत्याकांड (ANM) में उम्रकैद पाए दो दोषियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत।
यह सनसनीखेज मामला महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र स्थित किशनपुर गांव का है, जहां 30-31 मई 2018 की दरमियानी रात उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ ANM योगमाया साहू, उनके पति चेतन साहू और दो मासूम बेटों तन्मय एवं कुणाल की निर्मम हत्या कर दी गई थी। अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर धारदार हथियार और फावड़े से चारों की गला रेतकर हत्या कर दी थी। इस वीभत्स वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।
मामले की शुरुआती जांच में पुलिस ने सबसे पहले धर्मेंद्र बरिहा को गिरफ्तार किया था। बाद में नार्को टेस्ट और जांच के आधार पर गांव के तत्कालीन सरपंच सुरेश खुंटे, फूलसिंग यादव, गौरीशंकर कैवर्त और अखंडल प्रधान को भी आरोपी बनाया गया।
परिजनों ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके बाद वर्ष 2022 में बिलासपुर हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।
लंबी सुनवाई के बाद दिसंबर 2023 में महासमुंद की अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने सभी हत्याकांड (ANM) के पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपियों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, लेकिन फरवरी 2025 में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए सभी की अपील खारिज कर दी थी।
अब इस मामले में नया अपडेट सामने आया है। 12 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी गौरीशंकर कैवर्त और फूलसिंग यादव की जमानत मंजूर कर ली है। वहीं अन्य आरोपियों की ओर से भी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। बताया जा रहा है कि आने वाले एक-दो महीनों में इस मामले में अहम फैसला आ सकता है।
यह मामला प्रदेश के सबसे चर्चित हत्याकांडों में शामिल रहा है, जिस पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।



