महासमुंद(जीतयादव)।शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 25 अप्रैल 2026 को रायपुर में “राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह राष्ट्रीय शैक्षिक संप्रवाह 2025-26” का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। देशभर से आए शिक्षकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
छत्तीसगढ़ के 160 शिक्षकों को मिला राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान, जिले के नवाचारी शिक्षक हुए गौरवान्वित।
यह आयोजन “नवाचारी गतिविधियाँ समूह भारत” द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना और शिक्षा में नए प्रयोगों को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के शिक्षकों ने अपने नवाचारी शिक्षण मॉडल और गतिविधियों की प्रस्तुति दी, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा।
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इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के 160 शिक्षक-शिक्षिकाओं को उनके अभिनव शिक्षण कार्यों और विद्यार्थियों के समग्र विकास में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। महासमुंद जिले से अक्की रेड्डी चंद्रशेखर डोरा (महासमुंद), सुशील प्रधान (बसना), दीपा महर (बागबाहरा), पुष्कर पटेल (बागबाहरा), कैलाशचंद्र पटेल (सरायपाली) और खेमलता प्रधान (पिथौरा) को यह सम्मान मिला।
इसके अलावा समूह में निरंतर सक्रिय सहभागिता के लिए उत्तरा कुमार चौधरी को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षा विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए शिक्षा में नवाचार को समय की आवश्यकता बताया।

उल्लेखनीय है कि नवाचारी गतिविधियाँ समूह वर्ष 2017 से देशभर के शिक्षकों का एक सक्रिय मंच है, जो शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और नए प्रयोगों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। यह मंच शिक्षकों को अपने अनुभव साझा करने और नई पहल को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।



