सरायपाली।महासमुन्द वनमंडल के वन परिक्षेत्र सरायपाली में स्थित शिशुपाल पर्वत (ईको कैंप शिशुपाल) में गुरुवार को एक बड़े स्तर पर स्वच्छता महा-अभियान चलाया गया। इस अभियान में अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षा श्रमिकों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
कर्मचारियों ने पर्वत क्षेत्र को किया प्लास्टिक मुक्त
अभियान के दौरान पूरे शिशुपाल पर्वत क्षेत्र में फैले
प्लास्टिक,
पॉलीथीन,
फूड पैकेट,
और अन्य कचरे
को हटाकर साफ-सफाई की गई।
वन कर्मचारियों ने पर्यटकों से अपील भी की कि इस प्राकृतिक पर्यटन स्थल को स्वच्छ रखने में सहयोग दें।
ईको कैंप शिशुपाल में जल्द शुरू होगा नेचर कैंप
अधिकारीयों ने बताया कि शिशुपाल पर्वत में पर्यटकों के लिए नेचर कैंप इसी सप्ताह शुरू किया जाने वाला है। यहां पर्यटकों के लिए—
कैम्पिंग टेंट हाउस,
रात्री विश्राम,
लाइटिंग,
खाने-पीने की सुविधाएं
उपलब्ध रहेंगी।
यह पहल पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार सृजन का माध्यम बनेगी।
ट्रेकिंग शुल्क और कचरा-नियंत्रण हेतु नई व्यवस्था लागू
शिशुपाल पर्वत पर ट्रेकिंग करने वाले पर्यटकों से ₹20 ट्रेकिंग शुल्क लिया जा रहा है।
साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है:
नई कचरा नियंत्रण प्रणाली:
जो पर्यटक अपने साथ
पानी की बोतल,
पैकेट फूड,
प्लास्टिक थैली,
दोना-पत्तल
जैसी सामग्री लेकर जाएंगे, उन्हें पहले एक सुरक्षा शुल्क जमा करना होगा।
ट्रेकिंग से लौटने पर यदि पर्यटक
कचरा नीचे लाकर कर्मचारियों को लौटाते हैं,
तो उन्हें पूरा शुल्क वापस कर दिया जाएगा।
इस मॉडल से कचरा फैलाव में बड़ी कमी की उम्मीद है।
शिशुपाल पर्वत क्षेत्र में सख्त नियम लागू
वन विभाग द्वारा पर्वत के नीचे और ऊपर दोनों स्थानों पर बोर्ड लगाए गए हैं, जिनमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं:
प्लास्टिक का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित
मदिरापान और मदिरापान सामग्री ले जाना प्रतिबंधित
पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई





