महासमुंद। जिले के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में विद्यार्थियों की APAR ID (अपार आईडी) बनाने का कार्य इन दिनों शिक्षक और छात्रों दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। बच्चों के आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि और पिता के नाम में त्रुटियाँ सामने आने से आईडी जनरेट करने का काम बेहद धीमा हो गया है।
आधार कार्ड की गलतियों से अटका काम
स्कूलों में पाए गए प्रमुख त्रुटियाँ—
नाम में मात्रा या स्पेलिंग की गलती
पिता के नाम में अंतर
जन्मतिथि (DOB) का मेल न होना
आधार, दाखिल-खारिज रजिस्टर और U-DISE डेटा का mismatch
इन्हीं कारणों से 27,326 छात्रों के अपार आईडी आवेदन रिजेक्ट हो चुके हैं।
48,693 आधार कार्ड पेंडिंग
डीएमसी रेखराज शर्मा ने बताया—
जिले के कुल 2,15,945 विद्यार्थियों का APAR ID बनना है।
अब तक 1,67,252 आईडी जनरेट हो चुकी हैं।
48,693 विद्यार्थियों का आधार वेरिफिकेशन पेंडिंग है।
9,534 बच्चों के आधार कार्ड उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।
1,024 आधार कार्ड का वैलिडेशन अभी बाकी है।
स्टूडेंट स्कॉलरशिप–गणवेश–बुक बैंक अब APAR ID से लिंक
नई व्यवस्था के तहत—
छात्रवृत्ति
बुक बैंक के तहत पुस्तक वितरण
गणवेश वितरण
सब APAR ID से लिंक होगा।
इसलिए जिन छात्रों की आईडी नहीं बन पाएगी, वे इन योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
50 रुपये शुल्क और 15 दिन की प्रक्रिया से परेशान पालक
आधार सुधार कराने पालकों को—
आधार सेवा केंद्रों के कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं
सुधार में 15 दिन का समय
50 रुपए शुल्क
के कारण पालक परेशान हैं।
APAR ID का लाभ — अब दस्तावेज साथ रखने की जरूरत नहीं
डीएमसी रेखराज शर्मा के अनुसार,
“अपार आईडी कार्ड बनने के बाद छात्र कहीं भी — जिले में, राज्य में या देश में — बिना दस्तावेजों के यात्रा और प्रवेश से संबंधित प्रक्रियाएँ पूरी कर सकेंगे। क्योंकि उनका पूरा डेटा अपार आईडी में सुरक्षित रहेगा।”
शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण
सभी स्कूलों के शिक्षकों व संकुल समन्वयकों को प्रक्रिया के लिए प्रशिक्षण दिया गया है।
आधार में सुधार पूरा होते ही संबंधित छात्रों का 12 अंकों का यूनिक APAR ID नंबर जनरेट कर दिया जाएगा।



