मुख्य वक्ता कमलेश डड़सेना ने लोहराकोट महाविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा और वीर नारायण सिंह को याद किया
पिथौरा (जीत यादव)। शासकीय आदर्श महाविद्यालय लोहराकोट में जनजातीय गौरव दिवस पर आज एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित श्री कमलेश डड़सेना ने भगवान बिरसा मुंडा और शहीद वीर नारायण सिंह के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों और संघर्ष को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया।कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद छात्र-छात्राओं एवं अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
PM मोदी की पहल पर कार्यक्रम
वक्ताओं ने बताया कि हर वर्ष 15 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य भारत के स्वतंत्रता संग्राम और संस्कृति में जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान देना है।
मुख्य वक्ता का संबोधन
अपने संबोधन में श्री कमलेश डड़सेना ने कहा—
“भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए महान संघर्ष किया। वहीं छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर भूखे ग्रामीणों के लिए खड़े हुए।”
उन्होंने कहा कि जनजातीय नायकों के संघर्ष और बलिदान राष्ट्र की धरोहर हैं, जिन्हें आगामी पीढ़ियों तक पहुँचाना आवश्यक है।
विशिष्ट अतिथि और आयोजन समिति की भूमिका
जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री मनोज कोसरिया उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में—
कार्यक्रम संयोजक: डॉ. एस. एस. दीवान
उप-संयोजक: श्री एस. विशाल
नोडल अधिकारी: श्री पी. ठाकुर
का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
छात्रों में जागरूकता का संकल्प
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों और व्याख्याताओं की उपस्थिति रही। सभी ने जनजातीय नायकों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए संस्कृति संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम उत्साह, सम्मान और देशभक्ति की भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



PM मोदी की पहल पर कार्यक्रम

