बसना (जीत यादव)। सरायपाली क्षेत्र के ग्राम भोथलडीह में कृष्णांजन (हेरना) गोत्रीय सरसरिया प्रधान परिवार का द्वितीय वार्षिक सम्मेलन बड़े ही उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाज़ों के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ सीमा राज्य उड़ीसा से भी समाजजन शामिल हुए।
भव्य स्वागत और पारंपरिक पूजा-अर्चना से कार्यक्रम की शुरुआत
मुख्य द्वार पर सभी बंधुओं का चंदन-तिलक और पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। तत्पश्चात श्री श्री श्री रणेश्वर बाबा, श्री श्री श्री रामचंडी देवी, श्री लक्ष्मी नारायण और ग्राम देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। महाआरती एवं जय घोष के साथ सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। महिलाओं द्वारा पारंपरिक हुलहुली और पुरुषों द्वारा हरि बोल के जयकारों ने वातावरण को धार्मिक बना दिया।
वरिष्ठजनों का सम्मान और पारिवारिक एकता पर जोर
कृष्णांजन (हेरना) कार्यक्रम के दौरान सरसरिया परिवार के बुजुर्गों को श्रीफल और अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में समाज की एकता, संस्कार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और परंपराओं के संरक्षण पर विस्तृत चर्चा की गई।समाज प्रतिनिधियों ने बताया कि सरसरिया प्रधान परिवार मूलतः कृषि आधारित समाज है, लेकिन अब शिक्षा और व्यवसाय के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। परिवार का शिक्षा स्तर राष्ट्रीय मानक से अधिक बताया गया।
सम्मानित अतिथियों ने रखा विचार
कृष्णांजन (हेरना) कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री कैलाश शंकर प्रधान, अध्यक्षता श्री वशिष्ठ प्रधान, विशिष्ट अतिथि संचालन समिति के सदस्य शंभूकर प्रधान, प्रफुल्ल प्रधान, चंद्रहास प्रधान(सरायपाली) नयन प्रधान, संजय प्रधान(बसना)हरिचरण प्रधान, नंदलाल प्रधान(पिथौरा) घनश्याम गुप्ता (रायगढ़)किसान समृद्धि संयोजक, डॉ रक्षपाल गुप्ता (रायपुर) भूतपूर्व रजिस्टार आयुष, गोवर्धन प्रधान (महासमुंद) नारायण साहू (सोनपुर)मंचासीन थे। साथ ही कार्यक्रम में जोन प्रभारी हनुमान प्रधान,कुलदीप प्रधान गोहेदादर ,राधेश्याम प्रधान, अश्विन प्रधान झगरेनडीह, संजय प्रधान, रवि प्रकाश प्रधान सलडीह, संजय प्रधान, गोकुला प्रधान सांकरा ,नरेश प्रधान,संजय प्रधान भोथलडीह, निर्मल प्रधान, श्रीबच्छ प्रधान छिबर्रा उपस्थित थे। जिला पंचायत सदस्य मोक्ष प्रधान ने कहा कि कोलता समाज में सरसरिया परिवार सबसे बड़ा और संगठित परिवार है। डॉ. रक्षपाल गुप्ता ने युवाशक्ति, नारी सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान पर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सामूहिक संकल्प और सम्मेलन का समापन
परिवार की मूल पहचान — बिसासहे कुल, सरसरिया वंश और कृष्णांजन (हेरना) गोत्र — को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।कार्यक्रम का संचालन नरेश प्रधान और तोष प्रधान ने किया तथा संजय प्रधान ने आभार व्यक्त किया। भोजन व्यवस्था भागीरथी प्रधान (जगलबेढ़ा) द्वारा की गई।








