बसना। प्रकृति संरक्षण और हरित पर्यावरण के उद्देश्य से इस अभियान का नेतृत्व डॉ. योगेश कुमार बढ़ाई एवं उनकी टीम ने किया। कार्यक्रम में “एक पेड़ माँ के नाम” तथा “एक आदमी एक वृक्ष – सुनहरा हो भविष्य” जैसे संदेशों को समुदाय तक पहुँचाकर लोगों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक किया गया।
पर्यावरण यात्रा और पौधरोपण कार्यक्रम
अभियान के तहत एक विशेष पर्यावरण यात्रा निकाली गई, जिसने निम्न प्रमुख स्थलों को कवर किया—
पाइकमाल बस स्टैंड
नरसिंहनाथ परिसर
पंचु पांडव स्थल
एस.एस.एन. मेडिकल कॉलेज, नरसिंहनाथ
यात्रा के दौरान आमजन, विद्यार्थियों, व्यापारियों और विभिन्न सामाजिक समूहों को जागरूक किया गया। स्लोगन प्रदर्शन, प्रेरक भाषण, पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण की शपथ के माध्यम से लोगों को प्रकृति की रक्षा हेतु प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश— “एक वर्ष में एक पौधा अवश्य लगाएँ”
कार्यक्रम संबोधित करते हुए डॉ. बढ़ाई ने कहा—
“पेड़ ही आने वाले कल की असली पूंजी हैं। यदि हर व्यक्ति वर्ष में सिर्फ एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो भविष्य की पीढ़ियों को शुद्ध वायु, स्वच्छ जल और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम लगाना प्रकृति और मातृत्व दोनों का सम्मान है।”
लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी
अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, महिला समूहों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
नरसिंहनाथ क्षेत्र में छात्रों द्वारा पोस्टर, स्लोगन और छोटी झांकियों ने कार्यक्रम को और प्रभावशील बना दिया। वरिष्ठ नागरिकों ने पौधों के संरक्षण हेतु “पर्यावरण रक्षक दल” बनाने का सुझाव रखा।
अभियान के उद्देश्य
नागरिकों में वृक्षों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना
“एक व्यक्ति – एक वृक्ष” अभियान को जनआंदोलन बनाना
पूरे वर्ष पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए नागरिकों को प्रेरित करना
आने वाली पीढ़ियों के लिए हरा-भरा पर्यावरण तैयार करना
सफल और प्रेरणादायक कार्यक्रम
अभियान के दौरान पोस्टर, बैनर, जनसंवाद और डिजिटल माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। क्षेत्र में यह संदेश विशेष रूप से लोकप्रिय रहा—
“एक पेड़ माँ के नाम — यही है प्रकृति और मातृत्व का सच्चा सम्मान।”
अंत में हजारों लोगों तक यह संदेश सफलतापूर्वक पहुँचा—
“पेड़ लगाओ – भविष्य बचाओ, पर्यावरण अपनाओ – जीवन सजाओ।”
इस कार्यक्रम की सफलता में वन मंडल अधिकारी महासमुंद मयंक पांडेय, वन परिक्षेत्र अधिकारी पाइकमाल एच.एन. मिश्रा, वन परिक्षेत्र अधिकारी बसना एस.आर. निराला और वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा एस.आर. डडसेना का विशेष सहयोग रहा।







