“सेफ रेसिंग, सेफ राइडिंग” थीम पर हुआ आयोजन, CM विष्णु देव साय बोले — सड़क सुरक्षा के लिए मील का पत्थर
रायपुर। राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम में रविवार को आयोजित सुपरबाइक चैंपियनशिप के फाइनल राउंड में रफ्तार और रोमांच का अनोखा संगम देखने को मिला। देश-विदेश से आए 110 बाइकर्स ने अपनी कला, साहस और कौशल का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान राइडर्स ने 30 फीट ऊंची छलांग लगाते हुए फ्री-स्टाइल स्टंट्स पेश किए। 14 कैटेगरी में हुई इस प्रतियोगिता में 6 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे भी शामिल हुए, जिनके लिए विशेष लाइसेंस जारी किए गए थे। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान कुछ बाइकर्स बिना हेलमेट के नजर आए, जिससे सुरक्षा मानकों पर सवाल उठे।
रेस के दौरान तीन बाइकर्स गिर भी गए, लेकिन कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ। दर्शक मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर स्टंट करने वाले राइडर्स का हौसला बढ़ाते दिखे। विदेशी बाइकर्स ने हवा में बाइक उड़ाकर ऐसे करतब दिखाए कि पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। रेस के समापन पर आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा।
स्टेडियम को इस प्रतियोगिता के लिए एक मिनी मोटर ट्रैक के रूप में तैयार किया गया था। 400 ट्रक मिट्टी से बने ऊंचे-ऊंचे टीले बाइकर्स के लिए चुनौती बने रहे। यह प्रतियोगिता “सेफ रेसिंग, सेफ राइडिंग” थीम पर आधारित रही, जिसमें सड़क सुरक्षा के संदेश को प्रमुखता दी गई।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर CM साय ने कहा — “यह आयोजन सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। बाइक रेसिंग को सुरक्षित तरीके से आयोजित करना युवाओं में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा।” उन्होंने सभी से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
इस प्रतियोगिता में देशभर से आए रेसर्स के साथ छत्तीसगढ़ के 12 खिलाड़ी भी शामिल हुए। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उज्जवल दीपक ने बताया कि यह कार्यक्रम खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया है। लगभग 20 से 30 हजार दर्शक इस प्रतियोगिता का आनंद लेने पहुंचे।
उज्जवल दीपक ने कहा कि फेडरेशन के मानकों के अनुरूप ट्रैक बनाया गया है और रेसिंग के बाद स्टेडियम को फिर से समतल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक राइडर के लिए हेलमेट, चेस्ट गार्ड, ग्लव्स, शूज और प्रोटेक्टिव गियर अनिवार्य किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
रायपुर की यह सुपरबाइक चैंपियनशिप न केवल रफ्तार और रोमांच का संगम बनी, बल्कि सड़क सुरक्षा के संदेश के साथ एक नई मिसाल भी पेश की।


