महासमुंद(जीतयादव)। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा VSK app में ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर शिक्षकों एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर जारी नए आदेश का विरोध शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने 27 जुलाई को जारी आदेश को अव्यावहारिक बताते हुए इसमें आवश्यक संशोधन की मांग की है।
VSK app में की तकनीकी खामियों और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या का हवाला, बायोमीट्रिक व्यवस्था लागू होने तक उपस्थिति पंजी से वेतन भुगतान की मांग।
संघ के प्रांताध्यक्ष संजय ठाकुर, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी, महामंत्री मनोज राय और उपप्रांताध्यक्ष टेकराम सेन ने विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) एप की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के कई दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या बनी रहती है। इसके कारण शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कई बार स्कूल परिसर में मौजूद रहने के बावजूद VSK app में शिक्षक की लोकेशन विद्यालय से दूर दिखाई देती है। वहीं, सुबह चेक-इन करने के बाद भी कई बार उपस्थिति का डेटा सेव नहीं होता। शाम को चेक-आउट के समय एप दोबारा चेक-इन करने का विकल्प दिखाने लगता है। ऐसी तकनीकी समस्याओं के चलते सभी शिक्षकों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होना मुश्किल है।
संघ ने चिंता जताई कि यदि VSK app में ऑनलाइन अटेंडेंस में तकनीकी खामी के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है और इसी आधार पर वेतन में कटौती होती है, तो इसका सीधा नुकसान शिक्षकों और कर्मचारियों को उठाना पड़ेगा। संघ ने इसे अनुचित बताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने सुझाव दिया है कि VSK app के स्थान पर विद्यालयों में बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू की जाए, जिससे कर्मचारियों की उपस्थिति का अधिक प्रामाणिक रिकॉर्ड तैयार हो सके। संघ का कहना है कि जब तक बायोमीट्रिक व्यवस्था पूरी तरह सुचारू नहीं हो जाती, तब तक पूर्व की व्यवस्था के अनुसार उपस्थिति पंजी के आधार पर पूर्ण वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
शिक्षक संघ ने शासन से तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आदेश की समीक्षा करने और शिक्षकों के हित में व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है।


