बसना (जीत यादव)।छत्तीसगढ़ के वीर सपूत सोनाखान के 1857 के अमर क्रांतिकारी शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान दिवस को आगामी 10 दिसंबर को भव्य रूप से मनाने की तैयारी तेज हो चुकी है। इसी संबंध में अरेकेल डीपा, बसना स्थित आदिवासी सांस्कृतिक भवन में सर्व आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने विभिन्न समितियाँ गठित
बैठक में सर्व आदिवासी समाज ने कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु अलग-अलग जिम्मेदारियाँ निर्धारित कीं। आयोजन में अधिकतम समाजजन की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। समाज के नेताओं ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ की माटी का गौरव है, जिसे हर वर्ष जनभावनाओं के अनुरूप भव्य रूप से मनाया जाता है।
बैठक में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल
बैठक में कोंद समाज प्रमुख दिलीप सिंह मलिक, गोंड समाज निगरानी समिति अध्यक्ष पांडु नाग, छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना प्रदेश उपाध्यक्ष शुभ सिंह जगत, गोंड समाज राजसचिव कुंजल सिंह सिदार, क्रांति सेना जिला संरक्षक गोकुल सिंह पारेश्वर, सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक अध्यक्ष नरेश पोर्ते, क्रांति सेना ब्लॉक अध्यक्ष ईश्वर सिंह पोर्ते, ब्लॉक उपाध्यक्ष बृज बिहारी जगत, मोहन सिदार, थान सिंह जगत, जम्हर सिंह पारेश्वर, मुनु सिंह जगत, गुन सिंह सिदार, रसिक भोई, दीनबंधु भोई सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
नई पीढ़ी को प्रेरणा देने की अपील
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष शुभ सिंह जगत ने कहा—
“शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की वीरता, स्वाभिमान और संघर्ष के प्रतीक हैं। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। अतः समाज के सभी लोग 10 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि दें।”
बैठक उत्साहपूर्वक सम्पन्न
बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई और सभी समाज प्रतिनिधियों ने इस वर्ष के बलिदान दिवस कार्यक्रम को ऐतिहासिक, भव्य और प्रेरणादायी बनाने का संकल्प लिया।






