बसना। समुद्री तूफान के असर से हुई तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने बसना विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश और खेतों में जलभराव के कारण खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। महीनों की मेहनत और खेती में लगाई गई पूंजी पर संकट आने से किसान परेशान हैं।
जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने बेमौसम बारिश से प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा और राहत राशि देने की शासन-प्रशासन से की मांग।
इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को हुए नुकसान पर जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस नेता मोक्ष कुमार प्रधान ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने शासन-प्रशासन से प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा और राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि किसान खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल और अन्य कृषि कार्यों में अपनी जमा पूंजी लगाकर दिन-रात मेहनत करते हैं। ऐसे समय में जब फसल तैयार होने की स्थिति में होती है, तब बेमौसम बारिश और तेज आंधी-तूफान से फसलों को नुकसान पहुंचना किसानों के लिए बड़ा आर्थिक झटका है। प्राकृतिक आपदा ने उनकी मेहनत और परिवार की आर्थिक उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
उन्होंने मांग की कि प्रभावित गांवों में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम भेजकर फसल क्षति का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए। नुकसान के वास्तविक आकलन के बाद पात्र किसानों को नियमानुसार जल्द मुआवजा दिया जाए। साथ ही कृषि विभाग के अधिकारी गांवों में पहुंचकर प्रभावित किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन दें और जलभराव की समस्या का जायजा लें।
प्रधान ने फसल बीमा कराने वाले किसानों को भी राहत दिलाने की मांग करते हुए कहा कि बीमा क्लेम की प्रक्रिया में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। नुकसान की सूचना दर्ज कराने से लेकर दावा प्रक्रिया पूरी करने तक विभागीय स्तर पर आवश्यक सहयोग दिया जाए।
उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की रीढ़ हैं। संकट की इस घड़ी में किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक मदद की जरूरत है। शासन-प्रशासन को किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सर्वेक्षण, पारदर्शी क्षति आकलन और मुआवजा वितरण सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों को आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिल सके।


