महासमुंद(जीतयादव)। श्री अन्न यानी मिलेट्स को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और किसानों को इसकी खेती से जोड़ने के उद्देश्य से जिला पंचायत महासमुंद के सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला एवं संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “स्वास्थ्य और टिकाऊ कृषि के लिए श्री अन्न (मिलेट्स) एक वरदान हैं” रखा गया। कार्यशाला में किसानों को मिलेट्स के पोषण, खेती और आर्थिक महत्व की जानकारी दी गई।
मिलेट्स की खेती को कम पानी और कम लागत वाला विकल्प बताते हुए प्राकृतिक खेती, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन अपनाने पर दिया जोर।
कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड, जिला प्रशासन और कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। देश के प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक और ‘मिलेट्स मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से पहचाने जाने वाले पद्म श्री डॉ. खादर वली मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने किसानों के साथ सीधे संवाद करते हुए श्री अन्न को स्वस्थ जीवन और टिकाऊ खेती की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
कर्नाटक के मैसूर से आए डॉ. खादर वली ने बताया कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से मिलेट्स और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, जल संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच मिलेट्स की खेती किसानों के लिए उपयोगी विकल्प बन सकती है। उनके अनुसार कोदो, कुटकी, रागी, ज्वार और बाजरा जैसे पारंपरिक अनाज कम पानी और अपेक्षाकृत कम लागत में उगाए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि राज्य में मिलेट्स की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसानों को मिलेट्स के लिए आवश्यक बीज उपलब्ध कराने और उनके उत्पादन को बाजार से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।
कार्यशाला में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद, कृषि उप संचालक एफ.आर. कश्यप, जिला स्काउट-गाइड संघ के अध्यक्ष येतराम साहू, जनपद सदस्य श्रीमती विजयलक्ष्मी जांगड़े, सांसद प्रतिनिधि महेंद्र जैन और उन्नत कृषक महेंद्र चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


