पिरदा(जीतयादव)। राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMSE) 2025-26 में शासकीय उच्च प्राथमिक शाला सांई सराईपाली के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विद्यालय के चार विद्यार्थियों ने सफलता हासिल कर राष्ट्रीय प्रतिभावान छात्र की सूची में स्थान बनाया है। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों में खुशी का माहौल है।
राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMSE) में हासिल की सफलता, कक्षा 9वीं से 12वीं तक मिलेगी प्रतिमाह 1000 रुपये की छात्रवृत्ति।
विद्यालय में पहली बार लोकेश्वर वर्गे, जलेश्वरी धृतलहरे, दिलीप कुमार पटेल, लोमश कुमार पुहुप एवं विरेन्द्र कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी कराई गई। परीक्षा में कुल छह विद्यार्थियों विराट सिदार, तरुण निषाद, देवकुमार पारेश्वर, प्रियांशी चौधरी, जान्हवी बरिहा एवं नव्या निषाद ने भाग लिया था।

2 मई 2026 को बसना परीक्षा केंद्र में आयोजित NMMSE परीक्षा में विद्यालय के चार विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किये। विराट सिदार ने 128 अंक, प्रियांशी चौधरी ने 127 अंक, जान्हवी बरिहा ने 126 अंक तथा देवकुमार पारेश्वर ने 85 अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय प्रतिभावान छात्र की सूची में अपना स्थान सुनिश्चित किया।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMSE) परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययन के दौरान शासन की ओर से प्रति माह 1000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। यह आर्थिक सहायता विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी पढ़ाई में सहयोग देने का कार्य करती है।

राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होते हैं, जिनमें मानसिक योग्यता परीक्षण (MAT) तथा शैक्षणिक योग्यता परीक्षण (SAT) शामिल हैं। दोनों प्रश्न पत्र 90-90 अंकों के होते हैं। परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करना आवश्यक होता है, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को नियमानुसार आरक्षण का लाभ भी मिलता है।
विद्यालय में विद्यार्थियों को परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। विरेन्द्र कुमार चौधरी द्वारा ऑनलाइन प्रैक्टिस लिंक, मॉडल परीक्षा, ऑनलाइन क्लास, ऑफलाइन मासिक टेस्ट, क्विज प्रतियोगिता, शिक्षण सामग्री एवं अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला।


