बसना। राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत के तत्वावधान में स्वर्गीय श्री हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन रायगढ़ ऑडिटोरियम हॉल में गरिमामय वातावरण में किया गया। समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिक्षक शामिल हुए, जिन्होंने अपने शैक्षणिक अनुभव, नवाचार और विद्यालयीन गतिविधियों से जुड़े विचार साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को मंच प्रदान करना और सकारात्मक शैक्षणिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा।
नवाचार एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए मिला सम्मान, शिक्षक ने साझा किए अपने शैक्षणिक अनुभव।
इस अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी के प्रधान पाठक सरविन्द सिदार को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य, नवाचार एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में उन्हें अतिथियों के करकमलों से सम्मान-पत्र एवं सम्मान प्रदान किया गया। सरविन्द सिदार के शैक्षणिक योगदान और बच्चों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।
शिक्षक बच्चों के भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक : सरविन्द सिदार
समारोह के दौरान प्रधान पाठक सरविन्द सिदार ने अपने शैक्षणिक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। उन्होंने विद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के बारे में भी अपने विचार रखे। उनके अनुसार, विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना भी आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. पूर्णानंद मिश्र ने की। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय से जगन्नाथ पाणिग्राही उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में रायगढ़ के शिक्षाविद् गुणनिधि सतपथी तथा शिक्षाविद् एवं एन.आर. स्टील रायगढ़ के संस्थापक संजय अग्रवाल शामिल हुए। अतिथियों ने सरविन्द सिदार को सम्मानित किया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों को प्रोत्साहित किया।
समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षकों ने अपने-अपने शैक्षणिक अनुभव, नवाचार और विद्यालयीन गतिविधियों को साझा किया। इस दौरान शिक्षा में सकारात्मक बदलाव लाने वाले प्रयासों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम ने शिक्षकों को अपने अनुभव साझा करने और एक-दूसरे के शैक्षणिक कार्यों से सीखने का अवसर प्रदान किया।
सम्मान प्राप्त होने पर सरविन्द सिदार ने आयोजकों और उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है। वे भविष्य में भी विद्यार्थियों की शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। समारोह में उपस्थित शिक्षकों एवं अतिथियों ने भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दीं।


