बसना। जमड़ी गांव में अवैध महुआ शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में विशेष पहल की गई है। ग्राम पंचायत कुड़ेकेल के आश्रित गांव जमड़ी में अवैध महुआ शराब पकड़े जाने के बाद संबंधित लोगों को फिलहाल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि भविष्य में गांव में दोबारा अवैध महुआ शराब पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जमड़ी गांव में अवैध महुआ शराब पर कार्रवाई, नशामुक्ति की पहल से परिवारों को बचाने की कोशिश।
महुआ शराब का अत्यधिक सेवन लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। लंबे समय तक शराब पीने से लिवर सहित शरीर के अन्य अंगों को नुकसान, गंभीर बीमारियों और समय से पहले मौत का जोखिम बढ़ सकता है। यदि शराब जहरीली या मिलावटी हो, तो जान जाने तक का खतरा रहता है।

नशे की लत का असर केवल शराब पीने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। कई परिवारों में कमाई का बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च होने से घर का बजट बिगड़ता है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और घरेलू तनाव बढ़ता है। कई बार परिवार आर्थिक संकट और सामाजिक परेशानियों से भी घिर जाते हैं। ऐसे में अवैध शराब पर रोक लगाने के साथ लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
ग्रामीणों से नशे से दूर रहने की अपील।
जमड़ी में की गई कार्रवाई के दौरान संबंधित लोगों को चेतावनी देकर सुधार का अवसर दिया गया है। स्पष्ट संदेश दिया गया कि गांव में अवैध महुआ शराब के कारोबार को बढ़ावा न दिया जाए। भविष्य में ऐसी गतिविधि दोबारा सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गांव को नशामुक्त बनाने के लिए ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। लोगों से अपील है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और परिवार के सदस्यों को भी इसके नुकसान समझाएं। जरूरत पड़ने पर शराब की लत से जूझ रहे लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं और नशामुक्ति सहायता से जोड़ा जायेगा।


