महासमुंद। महासमुंद खैर लकड़ी तस्करी मामला में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में दबिश के दौरान खैर लकड़ी की तस्करी से अर्जित बताई जा रही 1 करोड़ 70 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई है। वहीं, हरियाणा के गुरुग्राम जिले में स्थित एक गोदाम से करीब 15 टन खैर लकड़ी बरामद की गई। पुलिस का दावा है कि अब तक ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में कार्रवाई के दौरान कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जब्त की जा चुकी है।
गोदाम से 15 टन खैर लकड़ी बरामद; हिमाचल प्रदेश से शिव ट्रेडर्स के संचालक सतपाल सिंह गिरफ्तार।
पुलिस के मुताबिक, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए कथित तौर पर फर्जी एनटीपीएस एनओसी का इस्तेमाल करने और धोखाधड़ी के मामले में 9 जुलाई 2026 को पिथौरा थाने में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया था। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है।
पुलिस ने 10 अक्टूबर को हरियाणा के गुरुग्राम जिले के बहोड़ा कलां, तहसील पटौदी स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग के गोदाम में तलाशी लेकर करीब 15 टन खैर लकड़ी जब्त की। यह फर्म आरोपी मनीष अग्रवाल से संबंधित बताई गई है।
इस मामले में पुलिस ने 12 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के कालाअंब से सतपाल सिंह (67 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, वह शिव ट्रेडर्स फर्म का संचालक है और कथित फर्जी बिलिंग नेटवर्क में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। उसे अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद महासमुंद लाया गया है और न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस का आरोप है कि गिरोह ने वास्तविक माल की आपूर्ति के बिना फर्जी बिल तैयार कर खैर लकड़ी के कारोबार को वैध दिखाने की कोशिश की। इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, इससे पहले 7 सितंबर को आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा स्थित मकान से 81 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। मामले में पारितोष मिश्रा और अखिलेश सिंघल को भी सितंबर में गिरफ्तार किया जा चुका है।
महासमुंद पुलिस अब जब्त नकदी और कथित अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई कर रही है। प्रकरण में अन्य आरोपियों की भूमिका और कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी है।


