रायपुर(जीतयादव)।ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर फ्रॉड से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के फर्जी कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज के जरिए खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर डराने की कोशिश की जाती है। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी से सावधान: डराने वाली कॉल्स से न घबराएँ, तुरंत 1930 पर करें शिकायत।
पुलिस के अनुसार ठग लोगों को यह कहकर डराते हैं कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज है या उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” किया गया है, और फिर जांच के नाम पर पैसे की मांग करते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भारत में “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। यदि कोई इस प्रकार की धमकी देता है तो वह निश्चित रूप से साइबर ठगी है।
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रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर निम्न हेल्पलाइन नंबरों पर भी संपर्क किया जा सकता है—
महिला हेल्पलाइन: 9479210932
ट्रैफिक हेल्पलाइन: 9479191234
साइबर हेल्पलाइन: 1930
कंट्रोल रूम: 9479191099 एवं 112

पुलिस ने बताया कि 094791 91099 (कंट्रोल रूम) नंबर भी आपात स्थिति में सहायता के लिए उपलब्ध है।रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक विवरण, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। जागरूकता और त्वरित सूचना ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।



