रायपुर में DGP-IG कॉन्फ्रेंस आज से, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रात में पहुंचे; पीएम मोदी भी करेंगे शिरकत
रायपुर। नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित होने वाली देश की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक DGP-IG कॉन्फ्रेंस के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार देर रात रायपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका स्वागत किया। यह सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक चलेगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, देशभर के डीजी, आईजी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
प्रोटोकॉल में बदलाव, शाह एक दिन पहले पहुंचे
पहले कार्यक्रम के अनुसार गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार सुबह रायपुर आने वाले थे, लेकिन प्रोटोकॉल में बदलाव के चलते वे गुरुवार रात ही विशेष विमान से पहुंचे।
उनके ठहरने की व्यवस्था वित्त मंत्री आवास M-11 में की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 28 नवंबर की रात रायपुर पहुंचेंगे। PM को नवा रायपुर स्थित नए स्पीकर हाउस M-1 में ठहराया जाएगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शुक्रवार सुबह रायपुर पहुंचेंगे।
सम्मेलन में पहली बार SP रैंक के अधिकारी भी शामिल
इस बार कॉन्फ्रेंस की खास बात यह है कि पहली बार SP रैंक के अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। उनके लिए IIM परिसर में विशेष सीटों की व्यवस्था की गई है। देशभर से करीब 600 VIP और अधिकारी इस सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं।
नवा रायपुर में सुरक्षा हाई अलर्ट, एयरपोर्ट का आगमन गेट तीन दिन बंद
DGP-IG कॉन्फ्रेंस को देखते हुए रायपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
माना एयरपोर्ट का आगमन गेट (Arrival Gate) अगले तीन दिनों तक आम यात्रियों के लिए बंद रहेगा।
यात्रियों को गेट-2 से प्रवेश करने का निर्देश दिया गया है।
नवा रायपुर में मध्यम और भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित कर दी गई है।
यह रोक स्पीकर हाउस, IIM तक जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर लागू रहेगी।
400 से ज्यादा निजी वाहन तैयार, महाराष्ट्र से गाड़ियां बुलाने की व्यवस्था
सम्मेलन में शामिल हो रहे अधिकारियों और सुरक्षा टीमों के आवागमन के लिए रायपुर में 400 से ज्यादा निजी गाड़ियां बुक की गई हैं।
यदि आवश्यकता पड़ी तो महाराष्ट्र पासिंग टैक्सियों को भी बुलाने की तैयारी है।
दो दिनों तक चला प्रोटोकॉल रिहर्सल, गुरुवार को पूरा
वीवीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर चल रही सुरक्षा रिहर्सल पिछले दो दिनों से जारी थी, जिसे गुरुवार शाम पूरा कर लिया गया।सुरक्षा एजेंसियों का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और अन्य वीवीआईपी के काफिले की आवाजाही में किसी भी तरह की बाधा न आए।





