रायपुर। विजयादशमी का पर्व हमें बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का संदेश देता है। यह दिन अपने भीतर की बुराइयों पर विजय प्राप्त कर सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का अवसर भी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में आयोजित विजयादशमी उत्सव में शामिल होकर प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं।
170 साल पुरानी परंपरा को सहेजने की पहल; रायपुर में विजयादशमी पर सीएम साय ने दिया सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रावणभाठा दशहरा उत्सव की लगभग 170 वर्ष पुरानी परंपरा को संरक्षित और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजना सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें अपने जीवन में सत्य, सेवा, सुशासन और जनकल्याण के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धैर्य, साहस और न्याय के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है। विजयादशमी हमें सिखाती है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, हमें सत्य और धर्म के मार्ग पर चलते रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।
रावणभाठा मैदान में दशहरा उत्सव की लंबी परंपरा रायपुर की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रतिवर्ष यहां आयोजित होने वाला यह उत्सव लोगों को एक साथ लाने और भारतीय संस्कृति की परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री की ओर से वार्षिक आर्थिक सहायता की घोषणा को इस परंपरा को निरंतर बनाए रखने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।


