बसना। भारतीय ज्ञान, संस्कृति, संस्कार एवं नैतिक मूल्यों के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अरेकेल में भारतीय ज्ञान संस्कृति परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा में विद्यालय के 84 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए परीक्षा दिलाई।
अरेकेल में भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों पर आधारित परीक्षा में विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह।
परीक्षा का आयोजन शिक्षक प्रेमचन्द साव के नेतृत्व में किया गया। इसमें विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति, परंपरा, महापुरुषों, राष्ट्रीय गौरव, नैतिक मूल्यों और भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों पर आधारित प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ परीक्षा में भाग लिया।
इस अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अरेकेल के शिक्षक प्रेमचन्द साव ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की प्राचीन और समृद्ध संस्कृतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति केवल परंपराओं और रीति-रिवाजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ज्ञान, विज्ञान, संस्कार, सेवा, त्याग, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण की व्यापक भावना निहित है। विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और गौरवशाली विरासत को जानने के साथ उसके सकारात्मक मूल्यों को जीवन में अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह की परीक्षाएं विद्यार्थियों में ज्ञान के प्रति जिज्ञासा, अध्ययन की आदत, भारतीय विरासत के प्रति गौरव तथा नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसका उद्देश्य केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों को अपनी जड़ों और देश की गौरवशाली ज्ञान परंपरा से जोड़ना है।
परीक्षा के सफल संचालन में श्रीमती सरिता सिदार, हीराधर साव एवं श्रीमती रेखा पाण्डेय का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।
अरेकेल विद्यालय परिवार ने 84 विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञानवान, संस्कारवान, जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक बनाना भी है। परीक्षा में शामिल सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।


