बसना। शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी में 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।कार्यक्रम का संचालन कक्षा पांचवीं की छात्रा कु. तमन्ना पटेल ने किया।
गढ़पटनी में विद्यार्थियों ने गीत, कविता व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से शिक्षकों का किया सम्मान, पेन और पुष्पगुच्छ भेंट कर जताया आभार।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधान पाठक सरविन्द सिदार ने मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर गीत, कविता एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
इस दौरान विकास पटेल, शिवानी, तमन्ना सहित अन्य विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस पर आधारित गीत, कविता और प्रेरणादायक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने विद्यालय में मौजूद शिक्षकों और विद्यार्थियों का मन मोह लिया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों का आत्मीय सम्मान भी किया। बच्चों ने शिक्षकों को पेन और पुष्पगुच्छ भेंट किए तथा तिलक लगाकर उनका सम्मान किया। विद्यार्थियों के इस स्नेह और सम्मान से शिक्षक भावुक एवं अभिभूत नजर आए। इस दौरान बच्चों ने अपने शिक्षकों का सदैव सम्मान करने और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।
विद्यालय के शिक्षक लगन नाग एवं खीरवंती भोई ने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस के महत्व और शिक्षक की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि अच्छे संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देते हैं। गुरु के मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने लक्ष्य की ओर सही दिशा में आगे बढ़ सकता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधान पाठक सरविन्द सिदार ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. राधाकृष्णन महान दार्शनिक एवं शिक्षाविद होने के साथ भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति रहे। उनका जन्म 5 सितंबर को हुआ था। शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को सम्मान देने के लिए उनके जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
शासकीय प्राथमिक शाला गढ़पटनी के प्रधान पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें, नियमित रूप से अध्ययन करें और अच्छे संस्कारों को अपनाकर देश के जिम्मेदार नागरिक बनें। कार्यक्रम का समापन सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।


