महासमुंद(जीतयादव)। बैठक में एनालॉग पनीर एवं अन्य प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, विक्रय और खाद्य पदार्थों में उपयोग पर राज्य शासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की विस्तृत जानकारी दी गई। खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन, महासमुंद द्वारा खाद्य कारोबारियों की बैठक आयोजित की गई।
विशेष निरीक्षण अभियान की तैयारी, एनालॉग पनीर में नियमों के उल्लंघन पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई।
बैठक का आयोजन खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ के निर्देशों तथा कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें उपसंचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन, महासमुंद, अभिहित अधिकारी, होटल संचालक, रेस्टोरेंट संचालक, मिठाई निर्माता, डेयरी संचालक, थोक एवं फुटकर विक्रेता, वितरक और अन्य खाद्य कारोबारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी खाद्य कारोबारी तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों का उपयोग और व्यापार पूरी तरह बंद करें। उन्हें केवल खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप और विधिसम्मत खाद्य सामग्री का ही उपयोग एवं विक्रय करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य कारोबारियों को यह भी बताया गया कि सभी खाद्य पदार्थों की खरीद केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से करें। प्रत्येक खरीद का बिल, टैक्स इनवॉइस और स्टॉक रजिस्टर सुरक्षित रखें, ताकि निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकें। होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई प्रतिष्ठानों को उपयोग में लाए जा रहे पनीर के स्रोत का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान सभी खाद्य कारोबारियों से प्रतिबंध का पालन करने संबंधी स्वघोषणा-पत्र भी प्राप्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में जिलेभर में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई प्रतिष्ठान, डेयरी, कोल्ड स्टोरेज, थोक विक्रेता और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का जोखिम आधारित निरीक्षण किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच भी कराई जाएगी।
अभिहित अधिकारी उमेश वर्मा ने सभी खाद्य कारोबारियों से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों का निर्माण, विक्रय या उपयोग नहीं करने की अपील की। उन्होंने आम नागरिकों से भी आग्रह किया कि यदि कहीं प्रतिबंधित उत्पादों के उपयोग या बिक्री की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।


