सरायपाली(जीतयादव)। बच्चों में पढ़ने की आदत को मजबूत करने और उनके पठन कौशल को बेहतर बनाने के उद्देश्य से संकुल केंद्र कन्या सरायपाली में एक दिवसीय ‘स्पीड रीडिंग’ (तीव्र पठन) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शासकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या सरायपाली में किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।
सरायपाली में 6 प्राथमिक और 2 माध्यमिक शालाओं के छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा, लाइव रीडिंग प्रतियोगिता में दिखा उत्साह।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ने की गति बढ़ाने के साथ-साथ कम समय में पढ़ी गई सामग्री को सही तरीके से समझने और अधिक से अधिक जानकारी आत्मसात करने की क्षमता विकसित करना रहा। कार्यक्रम में संकुल के अंतर्गत आने वाले 6 प्राथमिक और 2 माध्यमिक शालाओं के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के आयोजन को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी टीकमचंद पटेल एवं संकुल प्राचार्य दिलीप कुमार नायक के मार्गदर्शन में विशेष रूपरेखा तैयार की गई थी। कार्यक्रम में बच्चों के नियमित पठन को बढ़ावा देने के लिए ‘रीडिंग कॉर्नर’ और समृद्ध पुस्तकालयों की उपयोगिता पर भी जोर दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि यदि बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए अच्छा वातावरण और पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध हों, तो उनमें स्वाभाविक रूप से पढ़ने की रुचि विकसित होती है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं के बीच लाइव रीडिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की पढ़ने की गति और आत्मविश्वास देखकर विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल रहा।
संकुल समन्वयक श्रवण कुमार प्रधान और उपस्थित शिक्षकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के रचनात्मक आयोजन बच्चों के बौद्धिक विकास में मददगार साबित होते हैं। इससे बच्चों की झिझक दूर होती है, उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे पढ़ाई तथा परीक्षाओं को लेकर अधिक सहज महसूस करते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं, प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
सरायपाली में कार्यक्रम का संचालन राजेश प्रधान ने किया। आयोजन को सफल बनाने में दिलचंद चौहान, सुनील कुमार खेस, गौरी शंकर पटेल, श्रीमती यास्मीन खान, श्रीमती निषाद खान, नियति साहू, श्रीमती कृष्णा पटेल, राधा सिदार, गणेश चौहान, संध्या पटेल, दिनेश्वरी जगत, द्वारिका प्रसाद चौहान और कुसुम ठाकुर का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम ने बच्चों में पढ़ने के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ शिक्षकों को भी पठन कौशल के विकास के लिए नए तरीकों को अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की जानकारी शिक्षा विभाग के मीडिया प्रभारी दुर्वादल दीप ने दी।


