बसना(जीतयादव)। किसानों को रागी (श्री अन्न) उत्पादन के साथ बेहतर बाजार और मूल्य संवर्धन का लाभ दिलाने के उद्देश्य से ग्राम गनेकेरा में जिले का पहला रागी प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किया गया है। यूनिट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब यह रागी, मिलेट्स पफ एवं दलिया के प्रसंस्करण के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके शुरू होने से किसानों को अपनी उपज के प्रसंस्करण के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
गनेकेरा में रागी आधारित उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा, किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में कृषि विभाग जिले में धान के स्थान पर रागी एवं अन्य मिलेट्स फसलों की खेती को बढ़ावा दे रहा है। इसी दिशा में यह यूनिट किसानों के लिए महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। इस वर्ष जिले में लगभग 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वैकल्पिक फसलों के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने गनेकेरा में प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण कर मशीनों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को जल्द संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण की सुविधा मिलने से किसानों की परिवहन लागत कम होगी और रागी से मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार होने से उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने किसानों से रागी की खेती को अपनाने और शासन की कृषि योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। साथ ही बताया कि रागी कम पानी में तैयार होने वाली पौष्टिक फसल है, जिसकी बाजार में लगातार मांग बढ़ रही है। इस यूनिट के संचालन से महिला स्व-सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा गनेकेरा के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कृषि विभाग का मानना है कि यह पहल जिले में श्री अन्न मिशन को नई गति देने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।


